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शेखपुरा जिले के घाटकुसुंभा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। यह धरना घाटकुसुंभा प्रखंड मुख्यालय में पप्पू राज मंडल की भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया था, जो शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही। कांग्रेस ने जिला प्रशासन को बाढ़ के मुद्दे पर 48 घंटे की मोहलत दी है और ऐसा न होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र नाथ ने जिला प्रशासन और सरकार की आलोचना की। जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी उन्होंने कहा कि घाटकुसुंभा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के बजाय जल जमाव का क्षेत्र माना जा रहा है, जबकि हरोहर नदी की बाढ़ से दो दर्जन सरकारी स्कूल एक पखवाड़े से बंद हैं। जितेंद्र नाथ ने बताया कि कोई गांव ऐसा नहीं है, जहां की गलियों और घरों में बाढ़ का पानी न घुसा हो। पूरा इलाका 15 दिनों से पानी में डूबा है। उन्होंने यह भी बताया कि हरोहर नदी के दूसरी ओर लखीसराय जिले में भी ऐसी ही स्थिति है, लेकिन सरकार उसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्र मानकर सारी सहायता दे रही है। जितेंद्र नाथ ने प्रेस वार्ता में कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर जिला प्रशासन ने घाटकुसुंभा को बाढ़ग्रस्त घोषित करने को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट नहीं भेजी, तो सत्याग्रह के तहत जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। पांचवें दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे जितेंद्र नाथ ने बरबीघा के दरियाचक में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड का निर्माण रोकने और ग्रामीणों पर दर्ज केस वापस लेने की भी मांग की। उधर, घाटकुसुंभा में पप्पू राज मंडल अपनी भूख हड़ताल पर पांचवें दिन भी बैठे रहे। इस धरने में घाटकुसुंभा प्रखंड के अलग-अलग गांवों से लोग जुटे। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम किशुन सिंह, जिला अध्यक्ष आनंदी यादव, जितेंद्र नाथ, राहुल कुमार, राजेश रंजन उर्फ गुरुजी मुखिया, मुन्ना सिंह, गोरेलाल कुशवाहा, दानी प्रसाद, प्रेम कुमार गुप्ता, चंद्रिका दास, राजेंद्र प्रसाद और प्रमोद यादव समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे।
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घाटकुसुंभा को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग, कांग्रेस का धरना:कलेक्ट्रेट के सामने प्रोटेस्ट, सरकार को 48 घंटे की मोहलत; जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
