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कुख्यात गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली को लेकर चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल प्रशासन और मोहाली पुलिस आमने-सामने हो गई है। मोहाली पुलिस का दावा है कि बुड़ैल जेल में बंद काली जेल से रंगदारी नेटवर्क चला रहा है। काली खुद फोन कर रंगदारी मांग रहा है। मोहाली पुलिस के इस दावे को बुड़ैल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट प्रमोद खत्री ने सिरे से खारिज कर दिया। खत्री ने कहा कि काली जब से जेल में बंद है, उसकी हर मूवमेंट पर पुलिस की नजर है। उससे कोई मिलने भी नहीं आता, ऐसे में वह जेल से नेटवर्क कैसे चला सकता है। सबूत हों तो बताएं वर्ना जेल को बदनाम नहीं करना चाहिए। मोहाली पुलिस अपने दावे के बदले सबूत दे। पंजाब में रंगदारी के लिए फायरिंग करने वालों को पकड़ने के बाद पंजाब पुलिस ज्यादातर जेल से नेटवर्क चलाने का दावा करती है। ये पहली बार है कि किसी जेल अफसर ने इसे नकारा हो। 10 दिन में 3 कोठियों पर फायरिंग, 4 शूटर गिरफ्तार मोहाली पुलिस पिछले 10 दिन में फेज-10 और सेक्टर-104 में 3 अलग-अलग कोठियों पर ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग करने के आरोप में चार शूटरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में खरड़ का जसमनदीप सिंह, यमुनानगर का दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी, सेक्टर-35 चंडीगढ़ का आकाशदीप सिंह और बठिंडा का प्रवीण कुमार उर्फ कालू शामिल था। पुलिस ने दावा किया कि ये चारों लॉरेंस गैंग से जुड़े थे। पुलिस ने इनसे 5 पिस्टल बरामद कीं। इनमें 2 विदेशी जिगाना पिस्टल और 3 अन्य 30 बोर की पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 12 जिंदा कारतूस और वारदातों से पहले और बाद में इस्तेमाल की गई टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार भी बरामद की गई है। मोहाली के SSP ने क्या दावा किया
मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि फायरिंग की साजिश में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्ध और बुड़ैल जेल में बंद गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पीड़ितों को फोन कर 5-5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी और इसके बाद उनके घरों पर गोलियां चलवाई गईं। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान काली के खिलाफ इस दावे के समर्थन में कोई रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहीं की गई थी। एसएसपी ने कहा था कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है। डिप्टी सुपरिटेंडेंट बोले- सबूत हैं तो चंडीगढ़ पुलिस को दें
बुड़ैल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट प्रमोद खत्री ने कहा कि अगर मोहाली पुलिस के पास काली के जेल से नेटवर्क चलाने और फायरिंग करवाने के पुख्ता सबूत हैं तो उन्हें चंडीगढ़ पुलिस के साथ साझा करना चाहिए। बिना सबूत के यह कहना कि बुड़ैल जेल से गैंग का नेटवर्क चल रहा था, जेल को बदनाम करने जैसा है। उन्होंने कहा कि बुड़ैल जेल में सभी कैदियों की समय-समय पर चेकिंग की जाती है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। गैंगस्टर काली को फिलहाल पूछताछ के लिए खरड़ CIA लेकर गई है। उसका प्रोडक्शन वारंट खत्म होने के बाद जब वह वापस बुड़ैल जेल आएगा, तब उससे पूछताछ की जाएगी। जिस गैंगस्टर काली को लेकर विवाद, उसके बारे में जानिए…
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गैंगस्टर काली पर बुड़ैल जेल अफसर-मोहाली पुलिस आमने-सामने:SSP ने कहा- जेल से गैंग चला रहा; डिप्टी सुपरिटेंडेंट बोले- सबूत हो तो चंडीगढ़ पुलिस को दो
