भास्कर न्यूज | कुकदूर कागज का एक टुकड़ा, हाथ में रंग और आंखों में देश के भविष्य का सपना… शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल ग्राम कुई में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के जरिए कागज पर उतारा। किसी बच्चे ने विकसित भारत की तस्वीर बनाई तो किसी ने स्वच्छता, शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि को अपने सपनों के भारत का आधार बताया। खास बात यह रही कि बच्चों की इस रचनात्मक गतिविधि को देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए पालक भी स्कूल पहुंचे। 19 सितंबर को आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति कौशल को सामने लाना था। प्रतियोगिता से पहले विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। स्कूल परिसर में लगे चित्रों को पालकों और शिक्षकों ने देखा। विद्यार्थियों ने अपने-अपने चित्रों के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि उन्होंने चित्र में क्या संदेश देने की कोशिश की है। कार्यक्रम में मंशाराम लहरे, तमेश्वर दास बघेल, उत्तरा वर्मा, हेमन्त कुमार साहू समेत स्कूल परिवार के सदस्य और पालक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारत को अपनी कल्पना के अनुसार चित्रों में प्रस्तुत किया। चित्रों में विकसित और शिक्षित भारत के साथ स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित समाज और समृद्ध देश की कल्पना दिखाई दी। बच्चों ने केवल चित्र बनाकर उसे प्रदर्शित नहीं किया, बल्कि अपने चित्र में शामिल विचारों को शिक्षकों और पालकों के सामने भी बताया। इससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता भी सामने आई। चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 7 के विद्यार्थी जिगर समरत ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसी कक्षा की मोनिका मठले द्वितीय रहीं। वहीं कक्षा 6 की छात्रा हेमलता वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार की ओर से बधाई दी गई और आगे भी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में पालकों की उपस्थिति बच्चों के लिए खास रही। पालकों ने प्रदर्शनी में लगाए गए चित्रों को देखा और बच्चों की मेहनत की सराहना की।
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किसी ने स्वच्छ तो किसी ने शिक्षित भारत का सपना कागजों पर उतारा
