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10 lakh EMD of 28.64 crores… COMFED tender challenged in court


पटना1 मिनट पहले

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बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के 1432 करोड़ के टेंडर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह की खंडपीठ ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा और दो सप्ताह में रीजॉइंडर दाखिल करने का निर्देश दिया है।

याचिका महाराष्ट्र के नांदेड़ की प्रोप्राइटरशिप फर्म ‘मैसर्स रोहित श्यामसुंदर गोयनका’ ने दायर की है। कॉम्फेड ने आंगनवाड़ी केंद्रों में राशन आपूर्ति के लिए 15 साल का टेंडर निकाला था। मुख्य ऐतराज बयाना राशि (ईएमडी) में की गई अप्रत्याशित बढ़ोतरी को लेकर है। 27 अगस्त के शुद्धिपत्र से ईएमडी को 10 लाख से सीधे बढ़ाकर 28.64 करोड़ रुपए कर दिया गया। मामले में सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल और कॉम्फेड ने नोटिस रिसीव किया है। अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

नियम बदलकर प्रतिस्पर्धा सीमित करने का खेल?

21 हजार करोड़ के सरकारी ठेकों में कॉरिजेंडम का खेल नया नहीं है, लेकिन 10 लाख की ईएमडी को अचानक 28.64 करोड़ कर देना सामान्य प्रक्रिया नहीं लगता। जब किसी टेंडर में इतनी बड़ी वित्तीय शर्त रातों-रात बदल दी जाती है, तो इससे छोटे और मध्यम स्तर के अनुभवी ठेकेदार दौड़ से बाहर हो जाते हैं। कायदे से यदि टेंडर की मूल शर्तों में इतना बड़ा वित्तीय फेरबदल किया जाता है, तो पुराने टेंडर को रद्द कर नया टेंडर आमंत्रित किया जाना चाहिए था। कहीं यह फैसला चुनिंदा बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तो नहीं किया गया

ईएमडी में 286 गुना उछाल: 27 अगस्त के शुद्धिपत्र के जरिए बयाना राशि (ईएमडी) को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर सीधे 28.64 करोड़ रुपए कर दिया गया।

शर्तों में विरोधाभास: याचिका में आरोप लगाया गया है कि पात्रता, मूल्यांकन और वित्तीय मापदंडों में भारी अस्पष्टता और विरोधाभास है।

नया टेंडर क्यों नहीं?: मूल टेंडर रद्द कर नया टेंडर जारी करने की बजाय महज शुद्धि पत्रों से मौलिक शर्तों को बदलने पर सवाल उठाया गया है।

प्रतिस्पर्धा पर चोट: याचिका में कहा गया है कि इन एकतरफा बदलावों से खरीद प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और प्रभावी प्रतिस्पर्धा खत्म हो रही है।

याचिका की मुख्य बातें

क्या है मामला?

19 सितंबर को छपी खबर

15 साल के आंगनवाड़ी राशन सप्लाई टेंडर में बड़े बदलावों को चुनौती, पटना हाईकोर्ट में 28 अक्टूबर को सुनवाई

15 साल का मेगा टेंडर: कॉम्फेड ने आंगनवाड़ी केंद्रों में रेसिपी-आधारित फोर्टिफाइड खाद्य सामग्री आपूर्ति के लिए 15 साल का टेंडर जारी किया।

21 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट: यह ठेका बीओओटी मॉडल पर है, जिसका सालाना मूल्य 1,432 करोड़ रुपए और 15 साल का कुल मूल्य 21,000 करोड़ रुपए है।

मूल टेंडर और कॉरिजेंडम: 28 जुलाई 2026 को मूल टेंडर जारी हुआ था, जिसके बाद 19 अगस्त, 27 अगस्त और 31 अगस्त को लगातार शुद्धि पत्र जारी किए गए।

पुराना कारोबारी कोर्ट में: 1969 से कृषि व्यापार में सक्रिय और 42 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली फर्म ने इन बदलावों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।



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