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इंफाल5 घंटे पहले
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वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी एक गाड़ी पर गोलियां चलाते दिखे।
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शनिवार रात हिंसक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मोतबुंग और आसपास के इलाकों में सड़कें जाम कीं, टायर जलाए और गाड़ियों पर पत्थर फेंके।
इन लोगों ने नेशनल हाईवे-2 भी खोद दिया, ताकि गाड़ियां आगे न बढ़ सकें। यह रास्ता इंफाल से दीमापुर तक जाता है। हालांकि सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े।
ये लोग खोलेन गांव के 7 कुकी ग्रामीणों को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी गाड़ियों पर गोलियां चलाते हुए भी दिखे।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक सुरक्षा बलों ने बाद में 7 विलेज वॉलंटियर्स को छोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं।
प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…

दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों पर पेट्रोल बम भी फेंके।

कांगपोकपी SP राहुल गुप्ता की गाड़ी पर गोलीबारी हुई। हालांकि, वे बाल-बाल बच गए क्योंकि वे बुलेटप्रूफ गाड़ी में थे।
कुकी संगठन ने CRPF की कार्रवाई की निंदा की
कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने सात ग्रामीणों की हिरासत की निंदा की। संगठन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) पर हिरासत लेने का आरोप लगाया।
KIM ने एक बयान में कहा कि कुकी महिलाओं की हत्या के जिम्मेदार लोगों पर अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय स्थानीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया।
KIM ने यह भी आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया।
संगठन ने दावा किया कि घटना के दौरान असली गोलियां चलाई गईं और वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
उधर, हिरासत में लिए गए कुकी विलेज वॉलंटियर्स की रिहाई के बाद काकचिंग जिले के एक महिला संगठन ने प्रदर्शन किया।
लैंगमेइदोंग अपुनबा मीरा पैबी ने लैंगमेइदोंग में धरना दिया। संगठन ने सभी गिरफ्तार मैतेई वॉलंटियर्स को रिहा करने की मांग की।
मणिपुर में 2023 से हिंसा, इस साल फरवरी से तनाव बढ़ा
मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच 3 मई 2023 को हिंसा शुरू हुई थी। उसके बाद से अब तक राज्य में तनाव की स्थिति रही है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए। बीच-बीच में फायरिंग, आगजनी और झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
इस साल फरवरी में उखरुल के लिटन गांव से कुकी और नगा समुदायों के बीच नया तनाव शुरू हुआ। इसके बाद पहाड़ी इलाकों में हिंसा बढ़ती गई। सितंबर में तामेंगलोंग और कांगपोकपी में हत्या, फायरिंग और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय संगठनों के मुताबिक, फरवरी से अब तक इस संघर्ष में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया था कि मणिपुर में 3 मई 2023 को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद अगस्त तक कम से कम 306 लोगों की मौत हुई है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं।

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