संगरूर में डीसी दफ्तर के बाहर जहर निगलने वाले जग्गा सिंह।
संगरूर में DC ऑफिस के बाहर जहर निगलकर सुसाइड करने वाले जगसीर सिंह उर्फ जग्गा का वीडियो सामने आया है। जिसमें उसने कहा कि गांव के सरपंच ने मुझे नशे के खिलाफ बोलने से रोका। इंटरनेट पर डाला वीडियो डिलीट करवा दिया। फिर सरपंच रिवॉल्वर लेकर मेरे घर आ गया। म
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जग्गा ने आगे कहा कि मैं पंजाब सरकार में मंत्री व AAP के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा को वीडियो दिखाने के लिए गया था। मगर, उसे रोककर DSP के पास भेज दिया गया। DSP ने SHO के पास जाने को कह दिया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन मुझे जहर निगलना पड़ा।
रविवार को जहर निगलने वाले जग्गा की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका पटियाला मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। वहीं AAP सरपंच का कहना है कि जग्गा के लगाए आरोप निराधार हैं। जांच चल रही है। सब कुछ साफ हो जाएगा। इसके बाद बयान दूंगा।
बता दें कि इससे पहले गुलजार सिंह ने मंत्री हरपाल चीमा से नशे को लेकर सवाल पूछा था, जिसके बाद वहां के सरपंच ने दबाव डाला और उसने जहर निगलकर सुसाइड कर लिया।

पीड़ित जग्गा सिंह वीडियो में गांव के सरपंच पर आरोप लगाते हुए।
जानें जहर निगलने के बाद जग्गा ने क्या कहा-
- गांव नमोल में सरेआम नशा बिक रहा-पीड़ित जग्गा सिंह का आरोप है कि उनके गांव नमोल में सरेआम नशा बिक रहा है। मैंने गांव में बिक रहे नशे का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था और इसे कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा को भी दिखाया था। जब मैं कैबिनेट मंत्री अरोड़ा के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उन्हें यह वीडियो दिखाने पहुंचा, तो मुझे मिलने नहीं दिया गया और DSP के पास भेज दिया गया। शिकायत के बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो उन्होंने गांव में पंचायत बुलाई।
- आप सरपंच पर घर में घुसकर धमकाया- जग्गा सिंह के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ा गांव का सरपंच (सुखचैन सिंह उर्फ सुक्की) रिवाल्वर लेकर उनके घर पहुंच गया। सरपंच ने मुझे जान से मारने की धमकी देकर वीडियो डिलीट करवा दी। उसने घर में लगे CCTV कैमरे तोड़ दिए। मैंने घटना के सबूत और DVR पुलिस को सौंपे थे, लेकिन पुलिस ने DVR को खाली बताकर मामला रफा-दफा कर दिया।
- मैं जहर निगलने के लिए मजबूर हो गया- जहर निगलते हुए जग्गा को जब लोगों ने देखा तो रोका लेकिन तब तक उसने काफी जहर निगल लिया था। लोगों ने इसका वीडियो बनाया और कारण पूछा तो जग्गा ने कहा कि मैं गांव में बिक रहे नशे से तंग आ गया हूं। मेरी कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही। मेरे पास जहर निगलने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
- पुलिस ने कहा DVR खाली है- जग्गा ने कहा कि उसके घर के बाहर नशा बेचा जा रहा है। इससे तंग आकर उसने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा लिए थे। इन कैमरों में नशा बिकने के सारे सबूत थे। सरपंच ने घर आकर कैमरे-DVR तोड़ दिए। बावजूद इसके मैंने पुलिस को डीवीआर सौंपी लेकिन पुलिस ने कहा कि ये तो खाली है।

प्रत्यक्षदर्शी मनजिंदर सिंह।
प्रत्यक्षदर्शी ने घटना की ये जानकारी दी
- हमारे पास नशे के कारोबार के वीडियो सबूत: संगरूर में सुनाम हलके के गांव नमोल करे रहने वाले प्रत्यक्षदर्शी मनजिंदर सिंह ने बताया कि जगह निगलने वाला व्यक्ति जगसीर सिंह मेरा दोस्त है। मैं भी नमोल का रहने वाला है। मेरे घर के पास कुछ लोग अवैध शराब का कारोबार करते हैं, जिसके वीडियो सबूत भी जगसीर के पास हैं।
- सरपंच ने नहीं सुनी, आरोपियों ने पीटा: मनजिंदर के मुताबिक, इस संबंध में गांव के वर्तमान सरपंच को सूचित किया था। वह आम आदमी पार्टी के सरपंच हैं। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्टा आरोपियों ने जगसीर के घर के कैमरे और गेट तोड़ दिए। उसके घर में घुसकर उसे पीटा और परिजन के साथ भी मारपीट की। इस मारपीट में परिवार के सदस्य घायल हो गए।
- पुलिस की निष्क्रियता से तंग आकर उठाया कदम: मनजिंदर सिंह के अनुसार, पुलिस प्रशासन को भी बार-बार लिखित शिकायतें देने के बाद भी जब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने अब तक कोई FIR ही दर्ज नहीं की। इसके बाद जगसीर सिंह ने यह खौफनाक कदम उठाया।
सरपंच बोले- जग्गा खुद नशा तस्कर इस मामले में AAP सरपंच सुखबीर सिंह ने कहा कि जग्गा सिंह हमारे गांव में पिछले 15 से नशा बेचता है। वह नशे का सौदागर है। नए युवाओं के नशों की दलदल में धकेलने में इसका अहम योगदान है। लोकल थाना, पटियाला थाना आदि ने पहले भी इस पर शराब तस्करी जैसे कई मामले दर्ज है।
गांव में 30 अगस्त से हमने नशा तस्करों के खिलाफ मुंहिम चलाई हुई है। पंचायत में हमने प्रस्ताव डाला हुआ है कि कोई भी व्यक्ति नशा बेचेगा तो उसकी जमानत कोई नहीं करवाएगा। अगर मुझ पर गलत पर्चा दर्ज हुआ तो पूरी पंचायत मेरे साथ है।

जालंधर से सांसद और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।
सांसद चन्नी बोले-पंजाब में सच बोलने की सजा मौत घटना के बाद विरोधी दलों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। जालंधर से सांसद और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब में नशा विरोधी अभियान पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। सवाल उठाने वालों को डराया-धमकाया और पीटा जा रहा है। मोहनजीत और गुलजार सिंह के मामलों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नशा तस्करों और सत्ताधारी नेताओं के डर से लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
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संगरूर में एक व्यक्ति ने सल्फास खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालात गंभीर होने पर परिजनों ने उसे संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
