![]()
बैतूल के आमला क्षेत्र के बरसाली गांव के पास तेंदुआ दिखने की खबर के बाद पिछले तीन दिनों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। वन विभाग ने मौके पर ट्रेप कैमरे लगाए हैं, लेकिन सोमवार सुबह तक उनमें तेंदुआ नहीं दिखा है। जंगल की तरफ तेंदुए के पगमार्क मिलने की पुष्टि हुई है। वन विभाग की टीम अब मौके पर जाकर पगमार्क की जांच करेगी। आमला वन क्षेत्र के रेंजर नानकराम कुशवाह ने बताया कि बरसाली के पास तेंदुआ दिखने की सूचना 18 सितंबर को मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने कच्चे रास्ते और नाले में जंगली जानवर के पगमार्क देखे थे। जंगल की तरफ पगमार्क मिले
इलाके में ट्रेप कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक उनमें तेंदुआ नहीं दिखा है। जंगल की तरफ पगमार्क मिले हैं। सोमवार को वन रक्षकों को भेजकर इनकी दोबारा जांच कराई जाएगी। वन विभाग ने बरसाली और काजी जामठी गांव में घोषणा करके ग्रामीणों को सावधान रहने को कहा है। लोगों से अपील की गई कि पालतू पशुओं को खुले में न बांधे। रात में अकेले बाहर न निकले और बच्चों को भी रात के समय घर से बाहर न जाने दे। जरूरी होने पर टॉर्च लेकर ही बाहर निकलने और जंगली जानवर के पगमार्क या दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है। यह इलाका बाघ का एक अहम रास्ता
बैतूल जिले में तेंदुए कई वन और पहाड़ी इलाकों में मिलते हैं। जंगल से लगे खेतों और पहाड़ी क्षेत्रों में भी इनके आने-जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। जिले से सतपुड़ा-मेलघाट टाइगर कॉरिडोर गुजरता है। यह कॉरिडोर सतपुड़ा क्षेत्र को मेलघाट टाइगर रिजर्व से जोड़ता है। यह इलाका बाघ, तेंदुआ, बायसन और दूसरे जंगली जानवरों की आवाजाही का एक अहम रास्ता है। कुछ जंगली जानवर इन क्षेत्रों में हमेशा रहते हैं, जबकि कुछ कॉरिडोर के जरिए नए इलाकों की तलाश में आते-जाते रहते हैं।
Source link
बैतूल के बरसाली में तेंदुए की आहट:3 दिन से ग्रामीणों में डर; ट्रेप कैमरों में नहीं दिखा तेंदुआ, जंगल में मिले पगमार्क
