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Giridih College ABVP Hunger Strike



गिरिडीह कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दो छात्र नेताओं की भूख हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी जारी रही। छात्र नेताओं ने कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

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लगातार चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे दोनों छात्रों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्र संगठन के आंदोलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को स्लाइन चढ़ाया

ABVP छात्र नेता उज्ज्वल तिवारी ने बताया कि ABVP के जिला संयोजक नीरज चौधरी और SFS सह संयोजक अनीश रॉय कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को दोनों की तबीयत बिगड़ने पर सदर अस्पताल से डॉक्टरों को बुलाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को स्लाइन चढ़ाया।

डॉक्टरों ने उनकी हालत ठीक न बताते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। इसके बाद दोनों छात्र नेताओं को आगे की जांच और इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।

ABVP छात्र नेताओं का आरोप है कि गिरिडीह कॉलेज में वित्तीय मामलों में बड़ी गड़बड़ी और घोटाला हुआ है। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता लाने की मांग की है।

भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे मिलने

आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य, बर्सर और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई शामिल है। वे कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच और कॉलेज में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। ABVP नेताओं ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

दोनों छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल ले जाने की खबर मिलने पर भाजपा जिला अध्यक्ष रंजीत राय, भाजपा नेता दिनेश यादव, मुकेश जालान, संजीव सिंह गुड्डू समेत कई भाजपा कार्यकर्ता उनसे मिलने पहुंचे। भाजपा नेताओं ने कॉलेज में छात्र नेताओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

वहीं, लगातार जारी भूख हड़ताल और स्वास्थ्य बिगड़ने की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका और छात्र नेताओं की मांगों को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।



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