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फतेहाबाद जिले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की कोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के 8 साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी राजवीर उर्फ बच्ची को दोषी मानते हुए 2 साल की जेल और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से उप जिला न्यायवादी हरवीर सिंह मलिक ने पैरवी की थी। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि 11 मार्च 2018 को पुलिस टीम बस अड्डा धांगड़ के पास गश्त और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान आरोपी राजवीर पुलिस को देखकर अचानक मुड़ा और तेजी से भागने लगा। पुलिस को शक हुआ और उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया। तलाशी में मिला साढ़े पांच किलो चूरा पोस्त नियमानुसार, आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस दिया गया। उसे बताया गया कि वह राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट के सामने अपनी तलाशी करवा सकता है लेकिन उसने मना कर दिया। जब पुलिस टीम ने उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 5 किलो 500 ग्राम चूरा पोस्त मिला। बयान और सबूत पर सुनाई सजा पुलिस ने इस माल को सील कर अपने कब्जे में लिया और आरोपी के खिलाफ थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 15/61/85 के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी हरवीर सिंह मलिक ने गवाहों के बयान और पुख्ता सबूत पेश किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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चूरा पोस्त तस्कर को 2 साल कैद, ₹20 हजार जुर्माना:फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 8 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला
