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होटल कारोबारी से 2.50 करोड़ रंगदारी मांगने के मामले में मंगलवार को वादी अपने बयानों से मुकर गया। जिला जज अनमोल पाल की कोर्ट में पीड़ित कारोबारी के वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज किए गए। जिसमें उसने घटना से इंकार करते हुए, रंगदारी मांगने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि– मैने कोई बयान पुलिस को नहीं दिए हैं और न ही मुझसे कोई रंगदारी मांगी गई है। यह था पूरा मामला… कारोबारी सुरेश पाल का आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 में एडवोकेट अखिलेश दुबे ने उन्हे वॉट्सएप कॉल कर साकेत नगर स्थित अपने कार्यालय बुलाया था, जहां अखिलेश ने कहा था कि कुछ लोग उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश कर रहे हैं। इससे बचना है तो पैसे देने होंगे, अन्यथा उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इस धमकी से डरकर वह कुछ समय के लिए शहर छोड़कर चले गए, बाद में अखिलेश ने फिर संपर्क कर आश्वासन दिया कि शहर लौटने पर गिरफ्तारी नहीं होगी। कारोबारी के अनुसार, जब वह शहर लौटे, तो उनसे 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। जब उन्होंने असमर्थता जताई, तो बात 2.50 करोड़ रुपए में बात तय हुई। कारोबारी ने बताया था कि उन्होंने कई बार में अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को यह रकम दी। आरोपी और कारोबारी के बेटे के बीच हुई बातचीत के कई ऑडियो भी सामने आए थे। मामले में किदवई नगर पुलिस ने अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा के खिलाफ 230 पन्नों को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मामला जिला जज अनमोल पाल की कोर्ट में ट्रायल पर है। कार्यवाहक डीजीसी ओंकार नाथ वर्मा ने बताया कि पिछली सुनवाई में वादी सुरेश पाल की ओर से बीमारी का हवाला देकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई कराए जाने की अर्जी दी गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर किया था। मंगलवार को मामले में वादी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। जिसमें उसने घटना से इंकार कर दिया। वादी ने अपने दर्ज कराए गए बयानों में कहा कि उससे कोई रंगदारी नहीं मांगी गई है। इन मामलों में पूर्व में मिल चुकी है जमानतें – भाजपा नेता रवि सतीजा पर फर्जी रेप केस दर्ज कराकर 50 लाख रंगदारी मांगने – जूही में होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी से रंगदारी, डकैती, मारपीट – रेप केस में फंसाकर कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला से 10 लाख रंगदारी मांगने – अवैध कब्जों की शिकायत करने पर शैलेंद्र कुमार पर झूठी एफआईआर दर्ज कराने और 20 लाख रंगदारी मांगने
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अखिलेश दुबे केस में होटल कारोबारी बयान से पलटा:कोर्ट में बोला-मैंने अधिवक्ता के खिलाफ कोई प्रार्थना-पत्र नहीं दिया, रंगदारी से भी इनकार
