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मध्य प्रदेश में बुधवार को व्यापारियों ने प्रस्तावित UPI चार्ज के विरोध में ‘नो-UPI डे’ मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट लेने से इनकार किया। दुकानों के QR स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध जताया गया। UPI का प्रतीकात्मक पुतला भी लटकाया गया। भोपाल चेंबर के प्रवक्ता अजय देवनानी ने कहा- UPI पर लगाया जा रहा शुल्क जायज नहीं है। अहिल्या चेंबर के सदस्य कैलाश चंद्र खंडेलवाल ने कहा- सरकार हिडन एजेंडा चला रही है। भोपाल के सराफा कारोबारियों ने दावा किया कि इससे 2% तक महंगाई बढ़ सकती है। थोक किराना कारोबारियों ने कहा- अतिरिक्त चार्ज लगने पर इसे ग्राहकों से वसूलना मजबूरी हो जाएगी। वहीं, कैट के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहा- व्यापारी UPI के विरोध में नहीं हैं, बल्कि MDR की अतिरिक्त लागत का विरोध कर रहे हैं। जब शुल्क व्यापारी से ही लिया जाना है तो MDR की जगह इसे ‘मर्चेंट टैक्स रेट’ क्यों न कहा जाए। इंदौर के व्यापारियों ने भी कहा कि चार्ज से कारोबारियों का नुकसान होगा और इसका असर जनता पर पड़ेगा। UPI को लेकर विरोध से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… 2 हजार से ज्यादा पेमेंट पर नहीं बेची अंगूठी भोपाल के सराफा बाजार में सुनील जैन सोने की अंगूठी खरीदने पहुंचे थे। पेमेंट 2 हजार रुपए से ज्यादा होने पर दुकानदार ने ऑनलाइन भुगतान लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद सुनील जैन बिना खरीदारी किए वापस लौट गए। ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए इंदौर में टाइल्स एंड सैनिटरी वेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने रीगल स्क्वायर पर प्रदर्शन किया। इसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए। राजवाड़ा के व्यापारियों ने दुकानों पर पोस्टर लगाकर फैसला वापस लेने की मांग की। रिटेल गारमेंट्स व्यापारियों ने भी QR और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध किया। बाद में एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदर्शन रोककर दुकानों पर लौट गए। उन्होंने अगली रणनीति बैठक में तय करने की बात कही। ग्वालियर में UPI लेना-देना दोनों बंद ग्वालियर में व्यापारियों ने UPI से न तो भुगतान लिया और न ही किया। दुकानों के QR कोड पर काली पट्टी लगाई गई। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से GST, इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स दे रहे हैं। लगातार टैक्स और चार्ज बढ़ने से कारोबार बंद करने की स्थिति बन सकती है। जबलपुर में पर्चे बांटकर समर्थन मांगा जबलपुर में नागरिक उपभोक्ता मंच, मानव अधिकार क्रांति समेत विभिन्न संगठनों ने मालवीय चौक पर पर्चे बांटे। लोगों से नो-UPI डे को समर्थन देने की अपील की। संगठनों का कहना है कि अतिरिक्त UPI लागत का असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। व्यापारी इसकी भरपाई सामान की कीमत बढ़ाकर कर सकते हैं। उज्जैन में नहीं दिखा असर उज्जैन में नो-UPI डे का खास असर नहीं दिखा। अलग-अलग व्यापारी संगठनों और पेट्रोल पंप व्यवसाय संघ ने किसी विरोध से इनकार किया। यहां UPI से सामान्य लेनदेन जारी रहा। स्थानीय लोगों ने मांग की कि कम से कम 50 हजार रुपए तक के UPI भुगतान को किसी भी चार्ज से मुक्त रखा जाए। 15 अक्टूबर से लागू होना है नया चार्ज व्यापारियों के विरोध की मुख्य वजह 15 अक्टूबर से प्रस्तावित UPI चार्ज है। इसके तहत 2 हजार रुपए से ज्यादा के व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले UPI भुगतान पर 0.4% MDR प्रस्तावित है। 75 हजार रुपए या उससे ज्यादा के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक होगा। व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल का कहना है कि इससे खासकर थोक कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 2 हजार रुपए से ज्यादा के 10 लेनदेन होने पर भी एक दिन में 3 हजार रुपए तक का चार्ज बन सकता है। अग्रवाल ने बताया कि थोक किराना कारोबार में 90% से ज्यादा लेनदेन 2 हजार रुपए से ऊपर के होते हैं। वे खुद थोक तेल कारोबारी हैं। उनके मुताबिक, 15 लीटर तेल का एक जार 2,200 रुपए तक का होता है। ऐसे में ग्राहक UPI से भुगतान करता है तो MDR सीधे व्यापारी पर आने की बात कही जा रही है। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से होकर गुजर जाएं…
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MP में नो-UPI डे, 2,000 से ज्यादा पेमेंट नहीं लिया:भोपाल में लौटे सोना खरीदने आए ग्राहक; व्यापारी बोले- सरकार का हिडन एजेंडा, 2% महंगाई बढ़ेगी
