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पंजाब के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह ने करीब 6 साल तक फरार रहने के बाद गुरुवार (24 सितंबर) को पटियाला पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। राजजीत सिंह के खिलाफ वर्ष 2019 में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। पंजाब के DGP गौरव यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। राजजीत सिंह को अप्रैल 2019 में सेवा से बर्खास्त किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की जांच में उसका नाम बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़े कथित ड्रग तस्करी और वसूली नेटवर्क की जांच में सामने आया था। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो और स्पेशल टास्क फोर्स ने उसके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह फरार हो गया था। उसकी तलाश के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। निर्दोषों को फंसाने और वसूली के भी आरोप जांच रिपोर्टों में राजजीत सिंह पर ड्रग तस्करों को कथित संरक्षण देने, निर्दोष लोगों को ड्रग मामलों में फंसाने और उनसे वसूली करने जैसे आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन आरोपों को जांच के दौरान सामने आए आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है। 50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का भी मामला मामले की जांच में उस अवधि के दौरान 50 से अधिक NDPS सैंपल फेल होने का मुद्दा भी सामने आया था, जब राजजीत सिंह तरनतारन के SSP और इंद्रजीत सिंह CIA प्रभारी के तौर पर तैनात थे। पंजाब सरकार ने SIT रिपोर्टों के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया था। जानिए, केस में कब-क्या हुआ
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बर्खास्त AIG राजजीत का पटियाला में सरेंडर:6 साल से फरार था; ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले दर्ज
