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जालंधर जिले के नकोदर स्थित नूरमहल में आयोजित 122वें ऐतिहासिक कुश्ती मेले के बाद कमेटी के पदाधिकारियों के बीच छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। प्रेसिडेंट और कैशियर के बीच जारी खींचतान के बीच ‘ऑल्टो कार’ के नाम पर काटी गई एक डोनेशन रसीद सामने आने से मेले के दान-पुण्य और हिसाब-किताब को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आई रसीद (नंबर 1904) पर 1 सितंबर 2026 की तारीख दर्ज है, जिस पर दंगल कमेटी के प्रेसिडेंट प्रमोद कुमार सेखरी के हस्ताक्षर हैं। इस रसीद पर स्पष्ट रूप से ‘ऑल्टो कार’ का उल्लेख है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 5.50 लाख रुपये है। दूसरी ओर, प्रेसिडेंट प्रमोद कुमार सेखरी का दावा है कि दानदाता परिवार ने कार के बजाय केवल 2.50 लाख रुपये नकद दिए थे और पहलवानों को भी इसी नकद राशि के बारे में जानकारी दी गई थी। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भारी रोष है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर दान केवल 2.5 लाख रुपये का मिला था, तो रसीदों और प्रचार पोस्टरों पर 5.50 लाख रुपये की ऑल्टो कार की जानकारी क्यों दर्शाई गई? ‘तवियां’ प्रतियोगिता के दौरान हुई थी तीखी बहस यह मामला कुश्ती मेले (छिंज) के तीसरे दिन ‘तवियां’ प्रतियोगिता के दौरान उस समय गरमाया था, जब प्रेसिडेंट और चेयरमैन सुरिंदर शर्मा के बीच पैसों के लेन-देन और हिसाब-किताब को लेकर तीखी बहस हुई थी। इस दौरान बिना अधिकार के फर्जी रसीदें जारी करने के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। कंटेस्टेंट्स और दानदाताओं ने की कमेटी को भंग करने की मांग स्थानीय निवासियों, दानदाताओं और कुश्ती प्रेमियों का आरोप है कि समुदाय और जनता से जुटाए गए पैसे का भारी दुरुपयोग किया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि मेले में आए कुल दान और हुए खर्च का पाई-पाई का हिसाब तुरंत सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पारदर्शी हिसाब नहीं दिया गया, तो मौजूदा कमेटी का पूर्ण बहिष्कार कर इसे भंग कर दिया जाएगा और ऐतिहासिक कुश्ती मेले की साख बचाने के लिए नई निष्पक्ष कमेटी का चुनाव किया जाएगा।
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नूरमहल कुश्ती मेले में डोनेशन रसीद को लेकर नया विवाद:प्रेसिडेंट बोले- 2.5 लाख मिले, रसीद में 5.5 लाख की ऑल्टो कार; हिसाब मांगा
