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चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर 1 अप्रैल को हुए ग्रेनेड हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 सितंबर को केस एनआईए को ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद एनआईए ने मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। अब केस की सुनवाई एनआईए की विशेष अदालत में होगी। एनआईए ने केस का रिकॉर्ड हासिल करने के लिए चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी दायर की थी। अदालत ने केस से संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड एनआईए की विशेष अदालत को भेजने के आदेश दिए हैं। इसमें चंडीगढ़ पुलिस की 13 जुलाई को दाखिल चार्जशीट, सभी जरूरी दस्तावेज, अधूरी जांच से संबंधित कागजात और अदालत की कार्रवाई का रिकॉर्ड शामिल है। जेल में बंद 11 आरोपियों को भी अब एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने 11 आरोपियों को किया था गिरफ्तार सेक्टर-39 थाना पुलिस ने शुरुआत में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा-3 के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं। पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी जोड़ी गई थीं। यूएपीए की धाराएं लगने के बाद मामले की जांच एनआईए को ट्रांसफर की गई। पुलिस की जांच में कुछ बिंदुओं पर जांच बाकी थी। अब एनआईए इन्हीं बिंदुओं पर आगे जांच करेगी और विदेशी कनेक्शन समेत आतंकी साजिश की पूरी जांच करेगी। पुर्तगाल, फ्रांस-जर्मनी से जुड़े हैंडलरों का नाम आया चंडीगढ़ पुलिस की जांच में हमले का विदेशी कनेक्शन सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, पुर्तगाल, जर्मनी और फ्रांस में बैठे हैंडलरों ने हमले के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए अलग-अलग किस्तों में भेजे थे। हालांकि हमला करने वाले गुरतेज उर्फ तेजी और अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन को पांच-पांच हजार रुपए मिले थे। अमनप्रीत के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। हमले के अगले दिन तेजी और अमन को पता चला कि उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसके बाद दोनों डरकर खाटू श्याम पहुंचे और फिर रेवाड़ी चले गए। वहां पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस को आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग की जानकारी मिली थी। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे हथियार पुलिस की जांच के अनुसार, हमले की साजिश पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता ने रची थी। फ्रांस में बैठे सुरजीत उर्फ सरपंच और जर्मनी में बैठे औजला ने भी उसका साथ दिया। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल और 25 से 30 कारतूस भारत पहुंचाए गए थे। आरोपी ग्रेनेड के लिए ‘प्याज’ और गोलियों के लिए ‘दाने’ कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी नेटवर्क के जरिए भाजपा कार्यालय पर हमले की साजिश को अंजाम दिया गया था।
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पंजाब भाजपा कार्यालय ग्रेनेड हमले की जांच NIA:नई FIR, पुलिस ने 11 आरोपियों को किया गिरफ्तार, पुर्तगाल, फ्रांस-जर्मनी से जुड़े हैंडलरों का नाम
