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शिमला के रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने चरस रखने और तस्करी करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी राजेंद्र सिंह को एक साल के कारवास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को अदालत की ओर से सुनाया गया। मामले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि यह घटना 27 मार्च 2023 की है। उस दिन झाकड़ी थाना पुलिस की एक टीम रतनपुर लिंक रोड मझेवली के पास नियमित गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता नजर आया। जब पुलिस टीम ने उसे रोककर उसके पास मौजूद कैरी बैग की तलाशी ली, तो उसमें से चरस बरामद हुई। चरस मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी राजेंद्र सिंह के खिलाफ झाकड़ी थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया। पुलिस ने नशीला पदार्थ जब्त कर मामले की गहनता से जांच की और साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी। आठ गवाहों की गवाही से साबित हुआ अपराध मामले की अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष यानी सरकार की ओर से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने केस की पैरवी की। सरकारी पक्ष द्वारा मामले को साबित करने के लिए अदालत में कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। कोर्ट ने सभी पेश किए गए सबूतों, पुलिस की जांच रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए आरोपी राजेंद्र सिंह को चरस रखने का दोषी ठहराया और उसे एक साल जेल व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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शिमला में चरस रखने पर एक साल कैद:रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
