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पठानकोट के वार्ड 49 में तीन दिन से पेयजल संकट:शास्त्री नगर, पटेल नगर और अमरूद वाली झुग्गियों में लोग परेशान, धरने की चेतावनी




शहर के वार्ड नंबर 49 में पेयजल आपूर्ति ठप होने से हड़कंप मचा हुआ है। पिछले तीन दिनों से पानी का भारी संकट झेल रहे शास्त्री नगर, पटेल नगर और अमरूद वाली झुग्गियों के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लोगों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए दूर-दराज़ के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासी रशपाल सिंह बाजवा ने प्रशासनिक उपेक्षा पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि बीते 15 वर्षों से इस इलाके की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही नेता विकास के बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है और समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
मोटर जली, बोरवेल भी बंद: ठप हुई जलापूर्ति समस्या की मुख्य वजह बताते हुए स्थानीय निवासी शमशेर सिंह और रशपाल सिंह ने कहा कि अमरूद वाली झुग्गियों में डिस्पेंसरी के समीप स्थित पुराना बोरवेल लंबे समय से खराब पड़ा है। पूरी आबादी पानी की आपूर्ति के लिए वेयरहाउस स्थित मोटर पर आश्रित थी। पहले उस मोटर का स्टार्टर खराब हुआ और अब मोटर पूरी तरह जल चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। दूषित पानी और पुरानी पाइपलाइनों का खतरा निवासियों का आरोप है कि इलाके में बिछाई गई पानी की पुरानी पाइपलाइनें बहुत गहराई में दबी हुई हैं। सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण अक्सर नलों में दूषित पानी आता है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। नियमित और साफ पेयजल न मिलना क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। आंदोलन की चेतावनी इलाके के लोगों का कहना है कि वे समय पर बिजली के बिल, सरकारी टैक्स और अन्य सभी शुल्क जमा करते हैं, फिर भी उन्हें पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीड़ित निवासियों ने नगर निगम, जल सप्लाई विभाग, एसडीएम और डीसी प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमरूद वाली झुग्गियों के पास बंद पड़े बोरवेल को चालू कर नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र रुख अपनाते हुए डीसी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।



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