![]()
मंडी में शुक्रवार को भक्तिमय माहौल दिखाई दिया। आदि गणपति जाला जी सैकड़ों देवलुओं के साथ शहर में निकले। उनके साथ मंडी की कई गणेश मंडलियां और स्थानीय देवी-देवता भी शोभायात्रा में शामिल हुए। सिद्ध गणपति मंदिर से देवता राज माधव मंदिर तक निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शोभायात्रा के दौरान पूरा शहर गणपति बप्पा के जयकारों और देवी-देवताओं के वाद्य यंत्रों की आवाज से गूंज उठा। अलग-अलग गणेश मंडलियां अपनी सुंदर प्रतिमाओं के साथ शोभायात्रा में शामिल हुईं। प्रतिमाओं और देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ जमा हुई। बड़ी संख्या में युवा और युवतियां भी भक्ति में झूमते और जयकारे लगाते दिखे। गणपति बप्पा से की सुख-समृद्धि की कामना इस दौरान आदि ब्रह्मा ने बंगलेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। शहर के करीब आधा दर्जन देवी-देवताओं के आने से शोभायात्रा का धार्मिक माहौल और बढ़ गया। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस बार ज्यादातर गणेश कमेटियों ने प्रतिमा विसर्जन नहीं किया। कुछ कमेटियों ने सुपारी विसर्जन किया, जबकि कुछ ने ब्यास नदी में जाकर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया। दस दिन के उत्सव के बाद गणपति बप्पा को विदाई दी गई। 108 देवी-देवताओं का समागम शुरू गणपति महोत्सव के समापन के साथ ही छोटी काशी में एक और बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारी है। पड्डल मैदान में आज से करीब 108 देवी-देवताओं का समागम शुरू होने जा रहा है। सत्य साईं जन्मोत्सव के शताब्दी समारोह के तहत मंडी और कुल्लू से 108 देवी-देवताओं को बुलाया गया है। देवी-देवताओं के मंडी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। 27 सितंबर को मुख्य समागम होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। लगातार हो रहे धार्मिक आयोजनों के कारण छोटी काशी मंडी इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय दिख रही है। यहां देखें फोटो…
Source link
मंडी में निकाली गणपति जाला जी की शोभायात्रा:विभिन्न गणेश मंडलियां और देवी-देवता हुए शामिल, इस बार नहीं हुआ विसर्जन
