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ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसकी उड़ानों पर रोक लगाई गई, तो वह भी इलाके में किसी भी विमान को उड़ान भरने की इजजात नहीं देगा। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मुखबर ने कहा कि पश्चिम एशिया में उड़ानें सभी के लिए खुली रहेंगी या फिर किसी के लिए नहीं। दरअसल, अमेरिका ने 23 सितंबर से ईरान की सभी एयरलाइंस पर रोक लगाने का ऐलान किया था। इसके बाद UAE और ओमान समेत कई देशों ने ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। ईरान से रोजाना औसतन 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। फिलहाल यह पता नहीं चला है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद से कितने ईरानी विमानों के उड़ान पर असर पड़ा है। ईरान बोला- US का साथ दे रहे देशों के एयरपोर्ट बंद होंगे इससे पहले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसेन रेजाई ने भी पड़ोसी देशों से अमेरिका आदेश नहीं मानने की अपील की थी। उन्होंने बुधवार को कहा था कि जो देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरानी उड़ानों पर रोक लगाएंगे, उनके एयरपोर्ट से भी ईरान के लिए कोई उड़ान नहीं चलने दी जाएगी। ईरान दूसरे देशों की उड़ानें कैसे रोक सकता है? किसी दूसरे देश के एयरपोर्ट को सीधे बंद करने का अधिकार ईरान के पास नहीं है। अल जजीरा के मुताबिक, ईरान ने अभी इसका कोई स्पष्ट तरीका नहीं बताया है। हालांकि, वह पहले भी सैन्य कार्रवाई के जरिए क्षेत्रीय एयर ट्रैवल को प्रभावित कर चुका है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के संघर्ष के शुरुआती दौर में ईरान ने कतर, सऊदी अरब, UAE, कुवैत, बहरीन, ओमान और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इसके बाद इन देशों ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद कर दिया था। इससे पता चलता है कि ईरान को किसी दूसरे देश का एयरस्पेस औपचारिक रूप से बंद करने की जरूरत नहीं है। अगर क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है, तो एयरस्पेस की सुरक्षा और उड़ानों की सुरक्षा को लेकर दूसरे देश खुद ऑपरेशन सीमित कर सकते हैं। —————–
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ईरान बोला-हमारे विमान रोके तो किसी के उड़ने नहीं देंगे:ईरान से हर दिन 100 इंटरनेशनल फ्लाइट्स; UAE-ओमान समेत कई देशों ने उड़ानें रोकीं
