सेंट्रल जेल में मनोसामाजिक केंद्र शुरू:जेल डीजी बोले- बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुधार और पुनर्वास पर देंगे ध्यान




भोपाल जेल में बंदियों के मानसिक तनाव, चिंता और अन्य परेशानियों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ काउंसलिंग देने के लिए भोपाल सेंट्रल जेल में साइकोलॉजिकल केयर सेंटर शुरू किया गया है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर के सहयोग से शुरू हुए इस केंद्र का गुरुवार 24 सितंबर को जेल विभाग के डीजी डॉ. वरुण कपूर, IPS ने उद्घाटन किया। भोपाल सेंट्रल जेल के करीब 3,300 बंदियों को इसका लाभ मिलेगा। यह RRU का देशभर में 9वां और मध्यप्रदेश की जेलों में पहला साइकोलॉजिकल केयर सेंटर है। MoU के बाद शुरू हुआ केंद्र
मध्यप्रदेश जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच अगस्त में समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ था। इसी के तहत भोपाल सेंट्रल जेल में केंद्र शुरू किया गया है। उद्घाटन के दौरान जेल विभाग और RRU के अधिकारी मौजूद रहे। डीजी डॉ. वरुण कपूर ने कहा कि जेल प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुधार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाएगा। पहले स्क्रीनिंग, फिर काउंसलिंग
केंद्र में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट बंदियों की स्क्रीनिंग करेंगे। तनाव, चिंता या अन्य मनोसामाजिक परेशानी मिलने पर जरूरत के अनुसार काउंसलिंग दी जाएगी। गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मामलों में मनोरोग विशेषज्ञ पहले की तरह इलाज करेंगे। जरूरत पड़ने पर गंभीर समस्या वाले बंदी को विशेषज्ञ सहायता के लिए भोपाल जेल लाया जा सकेगा। भोपाल सर्कल की जेलों में भी पहुंचेगी टीम
यह सुविधा केवल भोपाल सेंट्रल जेल तक सीमित नहीं रहेगी। भोपाल सर्कल की विदिशा, रायसेन, राजगढ़ और सीहोर जेलों के साथ चार सब-जेलों में भी RRU के विशेषज्ञ जाएंगे। विशेषज्ञ सप्ताह में या 15 दिन में एक बार इन जेलों का दौरा करेंगे। जरूरत के अनुसार बंदियों को भोपाल लाकर विशेषज्ञ सहायता दी जाएगी। जेल कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण
RRU के सहयोग से जेल कर्मचारियों को भी मनोसामाजिक क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बंदियों में मानसिक तनाव के शुरुआती संकेतों की पहचान करना है। जेल विभाग के अनुसार फिलहाल इस पहल की शुरुआत भोपाल से हुई है। संसाधन उपलब्ध होने पर इसे प्रदेश की अन्य जेलों तक भी बढ़ाया जाएगा।



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