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सीहोर में अनंत चतुर्दशी पर शहर में गणपति बप्पा की विदाई धूमधाम से हुई। शहर का पारंपरिक चल समारोह रातभर सड़कों पर घूमता रहा। गणपति के जयकारों और ढोल-नगाड़ों के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा। सुबह करीब साढ़े सात बजे चल समारोह सीहोर टॉकीज चौराहा पहुंचा, जहां झांकियों को पुरस्कृत किया गया। बिजली की सजावट से सजी झांकियां बनीं आकर्षण चल समारोह में बिजली की रंग-बिरंगी सजावट से सजी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें धार्मिक और सामाजिक संदेशों के साथ पुरानी कहानियों को भी दिखाया गया। झांकियां देखने के लिए शहर के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी हजारों लोग पहुंचे। अखाड़ों में दिखे तलवार और लाठी के करतब झांकियों के साथ अलग-अलग अखाड़ों ने भी हिस्सा लिया। पहलवानों और कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। युवाओं और बच्चों ने तलवारबाजी, लाठी और अग्नि-कलाबाजी के करतब दिखाए। करतब देखने के दौरान लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के साथ बप्पा को विदाई रातभर शहर में घूमने के बाद सुबह चल समारोह सीहोर टॉकीज चौराहा पहुंचा। यहां श्रद्धालुओं ने समारोह का स्वागत किया और गणेशजी से सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद झांकियां और गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए पानी के स्रोतों की ओर रवाना हुईं। श्रद्धालुओं ने ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी।
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सीहोर में अनंत चतुर्दशी चल समारोह रात भर चला:झांकियों की रोशनी और अखाड़ों के कारनामों से रौनक रही, सुबह तक उमड़ा जनसैलाब
