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छतरपुर के बिजावर एसडीएम ने शासकीय काम में लापरवाही और गलत व्यवहार के आरोप में दो पटवारियों को निलंबित किया है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। दोनों पटवारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर एसडीएम ने निलंबन के आदेश जारी किए। लल्लू राम पर सरकारी जमीन में अवैध एंट्री का आरोप पटवारी लल्लू राम कोंदर पर शासकीय जमीन में बिना अनुमति अवैध एंट्री करने का आरोप है। वे पहले हल्का नंबर-06 निमानी में पदस्थ थे और वर्तमान में हल्का नंबर-01 कंजरा में पदस्थ हैं। विभागीय जांच में उनके कृत्य को शासकीय कार्य में लापरवाही और नियमों के विपरीत आचरण माना गया। नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए मांगने का आरोप दूसरे पटवारी जितेंद्र कौशिक हल्का नंबर-25 मुड़िया में पदस्थ हैं। उन पर ग्राम वेवसा की 2.598 हेक्टेयर जमीन के नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। यह जमीन खसरा नंबर 16/1, 17 और 18/2 में दर्ज है। आरोप है कि पटवारी ने नामांतरण के लिए आवेदक गिरधारी सिंह लोधी से यह रकम मांगी थी। दोनों मामलों में पटवारियों से जवाब मांगा गया था। एसडीएम के अनुसार, उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। बिजावर तहसील कार्यालय रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि में दोनों पटवारियों का मुख्यालय तहसील कार्यालय बिजावर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें मध्यप्रदेश मूलभूत नियम-53 के तहत निलंबन भत्ता देय होगा। प्रशासन ने दोनों पटवारियों के कृत्यों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के उपनियम (1), (2) एवं (3) के तहत कदाचरण माना है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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छतरपुर में दो पटवारी निलंबित:एक पर सरकारी जमीन में अवैध एंट्री, तो दूसरे पर 10 हजार रिश्वत मांगने का आरोप
