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औरंगाबाद के दीपक को इसरो में मिली बड़ी जिम्मेदारी:मानव अंतरिक्ष उड़ान यांत्रिकी प्रभाग के बने प्रमुख, ग्रामीण परिवेश से निकलकर बनाई राष्ट्रीय पहचान




औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के समहुता गांव निवासी दीपक कुमार सिंह को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम से जुड़े मानव अंतरिक्ष उड़ान यांत्रिकी प्रभाग (ह्यूमेन स्पेसफ्लाइट मैकेनिकल डिविजन) का प्रमुख बनाया गया है। उनकी इस उपलब्धि को जिले और बिहार के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है। अर्जुन सिंह के पुत्र दीपक कुमार सिंह को वर्ष 2019 में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों ने कुटुंबा प्रखंड, अंबा, समहुता गांव और पूरे औरंगाबाद जिले को गौरवान्वित किया है। नेताओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। दीपक से जुड़ी कुछ तस्वीरें…. गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण होगी जिम्मेदारी इसरो में मानव अंतरिक्ष उड़ान यांत्रिकी प्रभाग के प्रमुख के रूप में दीपक कुमार सिंह की जिम्मेदारी मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी यांत्रिक प्रणालियों के डिजाइन, इंजीनियरिंग और एकीकरण से संबंधित होगी। यह दायित्व भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन और भविष्य में प्रस्तावित मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गगनयान भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का प्रमुख मिशन है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की दिशा में काम किया जा रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़े प्रभाग की जिम्मेदारी दीपक कुमार सिंह को मिलना उनके वैज्ञानिक अनुभव और कार्यक्षमता को दर्शाता है। इसरो में 17 वर्षों से दे रहे योगदान दीपक कुमार सिंह सितंबर 2009 से इसरो से जुड़े हैं। इससे पहले उन्होंने ईटन एयरोस्पेस में एसोसिएट इंजीनियर और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में प्रशिक्षण लिया। इसरो में उन्होंने GSLV Mk-II, स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन, संचार एवं रिमोट सेंसिंग उपग्रहों, NavIC और GSAT-29 के ग्राउंड स्टेशन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए। वर्ष 2017 में भारत की NavIC प्रणाली विकसित करने वाली टीम का हिस्सा रहे। 2018 में GSAT-29 के लिए स्वदेशी ग्राउंड स्टेशन विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया, जिसके योगदान के लिए उन्हें 2019 में भारत सरकार एवं इसरो के यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। गगनयान मिशन में वे ऑर्बिटल मॉड्यूल के केबिन एवं संचार प्रणालियों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने TV-D1, TV-D2, IADT-1, IADT-2 और G1 मिशन के लिए विभिन्न पेलोड तैयार किए हैं। वर्तमान में 25 से अधिक वैज्ञानिकों व तकनीकी कर्मियों की टीम का नेतृत्व करने के साथ गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही वे ऑर्बिटल मॉड्यूल प्रोजेक्ट और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन BAS-01 में डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। पूर्व सांसद समेत भाजपा नेताओं ने दी बधाई दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष प्रवीण कुमार, तेलहारा मुखिया प्रतिनिधि आकाश सिंह, भाजपा महामंत्री अभय पासवान और अमरेंद्र कुमार सिंह ने बधाई दी है। नेताओं ने कहा कि समहुता जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। दीपक की उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की सीमाओं के बावजूद विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।समहुता गांव से इसरो तक दीपक कुमार सिंह की यात्रा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। भाजपा नेताओं ने कहा कि उनकी सफलता यह संदेश देती है कि ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े प्रतिभाशाली युवा भी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि दीपक की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।



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