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रामपुर के झाकड़ी राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने नासा के सिटिजन साइंस प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल एस्टेरॉयड सर्च कैंपेन (IASC)’ में भाग लेते हुए दो नए संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान की है। इस अभियान के तहत छात्रों को अमेरिका के पैन-स्टार्स टेलीस्कोप से मिले खगोलीय इमेज डेटा दिए गए थे। छात्रों ने एस्ट्रोमेट्रिका सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रात के आकाश की तस्वीरों का अध्ययन किया और अंतरिक्ष में घूमते पिंडों को ट्रैक किया। कुल 51 संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान हुई
पूरे देश से इस अभियान में कुल 51 संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान हुई। हिमाचल प्रदेश से चुनी गई 39 टीमों में से कुल 3 प्रारंभिक डिटेक्शन दर्ज किए गए, जिनमें से 2 अकेले झाकड़ी स्कूल की टीम के नाम रहे। IASC ने 3 सितंबर 2026 को भेजे गए आधिकारिक पत्र में इन क्षुद्रग्रहों को अस्थायी रूप से ‘DIW3333 – Preliminary’ और ‘DIW4444 – Preliminary’ नाम दिया है। ये दोनों पिंड प्रारंभिक चरण में है
फिलहाल ये दोनों पिंड प्रारंभिक चरण में हैं। आगे चलकर, जब विश्वस्तरीय वेधशालाएं इनके कक्षीय पथ का लगातार अवलोकन और सत्यापन करेंगी और इन्हें आधिकारिक स्थायी दर्जा मिलेगा, तब खोज करने वाले छात्र दल को इन क्षुद्रग्रहों का आधिकारिक नाम रखने का खास अधिकार दिया जाएगा। छात्रों का मार्गदर्शन भौतिक विज्ञान प्रवक्ता दिवाकर ने किया
इस वैज्ञानिक उपलब्धि को हासिल करने वाली टीम में शालू कश्यप, आयुषी कंवर, दिवाकर दत्त और रचना ठाकुर शामिल हैं। इस पूरे शोध कार्य में छात्रों का मार्गदर्शन विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता दिवाकर दत्त शर्मा ने किया। मेंटर शिक्षक को इस सफलता पर बधाई दी
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद नेगी ने मेंटर शिक्षक को इस सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दूरदराज के सरकारी स्कूल के छात्रों का नासा के अंतरराष्ट्रीय अभियान में ऐसा प्रदर्शन गर्व की बात है।
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हिमाचल के छात्रों ने खोजे 2 संभावित एस्टेरॉयड:नासा के प्रोजेक्ट में किया कमाल, अमेरिका के पैन-स्टार्स टेलीस्कोप से मिली तस्वीरें
