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गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस हासिल करने के लिए ‘इलेवन पॉवर प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा दायर याचिका को लेकर बिजली महकमे में विवाद बढ़ता जा रहा है। हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। मामला वर्तमान में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के समक्ष विचाराधीन है। HPEA के महासचिव रविंदर घनघस ने बताया कि आवेदक कंपनी इलेवन पॉवर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहले ही एक अग्रिम कैविएट दाखिल कर दी है। कंपनी को अंदेशा है कि ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF), HPEA, कर्मचारी व उपभोक्ता संगठन आयोग के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं। एसोसिएशन का कहना है कि विनियामक आदेश आने से पहले ही अग्रिम कैविएट दाखिल करने से लाइसेंसिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। HPEA ने मांग की है कि आयोग इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरते। अब जानिए, एसोसिएशन ने क्या उठाए सवाल… मांगें न मानने पर लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि बिजली वितरण व्यावसायिक लाइसेंस का जरिया नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा है। यदि इंजीनियरों, कर्मचारियों, किसानों और उपभोक्ताओं की आपत्तियों पर ध्यान दिए बिना कोई एकतरफा फैसला थोपा गया, तो HPEA अन्य जन-संगठनों के साथ मिलकर राज्यव्यापी, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
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गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर विवाद:इलेवन पॉवर के आवेदन पर HPEA ने उठाए सवाल; ₹2 हजार करोड़ सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट पर आपत्ति
