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बैंक कर्मचारियों की आगामी तीन दिवसीय हड़ताल के मद्देनजर केंद्र सरकार के विशेष निर्देशों के चलते रविवार को फरीदकोट जिले भर में सभी सरकारी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहे। फरीदकोट शहर के अलावा कोटकपूरा, जैतो और आसपास के कस्बों में लोगों ने रविवार की छुट्टी के बावजूद बैंकों में पहुंचकर लेनदेन व अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने ‘5-डे बैंकिंग’ (पांच दिवसीय कार्य सप्ताह) समेत अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। चूंकि 26 सितंबर (चौथा शनिवार) और 27 सितंबर (रविवार) को बैंक बंद रहने थे, ऐसे में अगर रविवार को बैंक न खुलते तो लगातार 5 दिनों तक (26 से 30 सितंबर) बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो जातीं। आम जनता और व्यापारिक वर्ग को इस भारी असुविधा से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने 27 सितंबर (रविवार) को बैंक चालू रखने का आदेश दिया। नोटबंदी के 10 साल बाद रविवार को खुले बैंक गौरतलब है कि करीब 10 साल बाद ऐसा हुआ है जब रविवार के दिन सरकारी बैंकों में सामान्य कामकाज हुआ। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए रविवार को बैंक खोले गए थे। कारोबारियों व लोगों ने जताया आभार, दिया सुझाव रविवार को बैंक खुले रहने से व्यापारी वर्ग और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय व्यापारी प्रदीप मित्तल समेत कई अन्य कारोबारियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि लगातार 5 दिन बैंक बंद रहने से व्यापार पूरी तरह ठप हो जाता, जिससे रविवार को मिली इस छूट ने बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही लोगों ने सुझाव दिया कि बैंक कर्मचारियों की ‘5-डे बैंकिंग’ की मांग जायज हो सकती है, लेकिन छुट्टियां शनिवार और रविवार को एक साथ रखने के बजाय रविवार के साथ सप्ताह के किसी अन्य दिन (जैसे सोमवार या बुधवार) रखी जानी चाहिए। इससे आम जनता को लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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फरीदकोट में 10 साल बाद रविवार को खुले बैंक:केंद्र सरकार के आदेश पर खुले, तीन दिवसीय हड़ताल से पहले कारोबारियों को राहत
