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इटावा शहर में आयोजित सात दिवसीय श्री वीर तेजाजी और ढोल मेले का रविवार शाम समापन हो गया। समापन समारोह नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला नागर और उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाल्मीकि समाज से सफाई कर्मचारी रमेश सिंगोर रहे। वहीं सभी वार्ड पार्षद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अधिशाषी अधिकारी राजू लाल मीणा, मेला प्रभारी राकेश मेघवाल, पार्षदों, नगर पालिका कर्मचारियों और अतिथियों ने मेले का ध्वज उतारकर समापन की घोषणा की। अध्यक्ष बोलीं- सांस्कृतिक धरोहर हैं मेले नगर पालिका अध्यक्ष निर्मला नागर ने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर और विरासत के प्रतीक हैं। इन्हें सहेजकर रखने की जरूरत है। मेलों के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ लोगों में आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए मेले घरेलू उपयोग की वस्तुएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ मनोरंजन का भी बेहतर माध्यम हैं। सहयोगियों और विजेताओं का सम्मान अधिशाषी अधिकारी राजू लाल मीणा और मेला प्रभारी राकेश मेघवाल ने बताया कि समापन समारोह में मेले के आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों और गायन मंडलियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेताओं, उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं और मेले में शामिल व्यापारियों को प्रतीक चिह्न और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। पार्षद और नगर पालिका कर्मचारी रहे मौजूद समापन समारोह में पार्षद शिव कुमार मंगल, एवन बैरवा, मनोज मीणा, उमाशंकर बैरवा, सुनीता प्रजापत सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी और मेले के आयोजन से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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इटावा में सात दिवसीय वीर तेजाजी-ढोल मेले का समापन:सहयोगियों, विजेताओं और प्रतिभाओं का सम्मान, अध्यक्ष बोलीं- सांस्कृतिक विरासत हैं मेले
