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125 days of employment guaranteed instead of 100, yet active workers declined by 2.68 lakh in just three months.


रांची/धनबाद3 घंटे पहलेलेखक: केके सुनील

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केंद्र सरकार ने 1 जुलाई को जब मनरेगा की जगह विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन (वीबीजीरामजी) लागू की तो बड़े-बड़े दावे किए। नई योजना में श्रमिकों को 100 दिन की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भुगतान के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया। जॉब कार्डधारियों को एसएनए स्पर्श पोर्टल से सीधे खाते में राशि भेजने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद पिछले तीन महीने में श्रमिकों और जॉब कार्डधारकों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है।

दैनिक भास्कर ने केंद्र सरकार द्वारा जारी मनरेगा और वीबीजीरामजी के आंकड़ों की तुलना की तो बड़ा अंतर सामने आया। मनरेगा योजना 30 जून तक प्रभावी थी। उस समय राज्य के सभी 24 जिलों में सक्रिय श्रमिकों की संख्या 35.47 लाख थी। इसके बाद वीबीजीरामजी योजना लागू होते ही महज तीन महीने में ही इनकी संख्या घटकर 32.79 लाख पर पहुंच गई। यानी 2.62 लाख सक्रिय श्रमिक घट गए। इसी तरह जॉब कार्डधारियों की संख्या में भी 1.97 लाख की कमी है। जून तक मनरेगा में 65.92 लाख जॉब कार्डधारी थे। अब यह घटकर 63.95 लाख पर पहुंच गई है। -शेष पेज 8 पर

जानिए…किस जिले में कितने सक्रिय श्रमिक घट गए

जिला मनरेगा वीबीजीरामजी जिला मनरेगा वीबीजीरामजी
बोकारो 1,51,598 1,40,711 खूंटी 61,211 59,194
चतरा 1,97,715 1,80,330 कोडरमा 59,797 55,029
देवघर 2,09,138 1,95,603 लातेहार 1,18,913 1,17,290
धनबाद 1,22,037 1,14,770 लोहरदगा 64,408 62,299
दुमका 1,62,684 1,55,769 पाकुड़ 1,00,095 91,065
पू.सिंहभूम 1,25,329 1,17,444 पलामू 2,45,074 2,32,664
गढ़वा 2,83,350 2,41,085 रामगढ़ 66,440 66,180
गिरिडीह 3,08,519 2,66,519 रांची 1,61,953 1,54,608
गोड्डा 1,32,894 1,25,615 साहेबगंज 1,20,468 1,07,311
गुमला 1,26,890 1,18,600 सरायकेला 1,38,168 1,35,554
हजारीबाग 1,83,120 1,62,105 सिमडेगा 1,01,420 94,708
जामताड़ा 1,57,913 1,49,676 प.सिंहभूम 1,48,699 1,35,486
कुल 35,47,833 32,79,615

राज्य में जॉब कार्डधारियों की संख्या भी 65.92 लाख से घटकर 63.95 लाख हो गए।

एक फसल बड़ी वजह

बारिश : योजना में सिंचाई के लिए कुआं, डोभा और तालाब जैसी योजनाओं के साथ ही आवास निर्माण सहित करीब 50 योजनाएं संचालित होती हैं। बारिश के दिनों में ज्यादातर निर्माण कार्य बंद हो जाते हैं।

खेतीबाड़ी : ज्यादातर किसान एक फसल उगाते हैं। धान की मुख्य खेती है। धनरोपनी में व्यस्त होने के कारण बारिश के मौसम में श्रमिकों की संख्या कम हो जाती है।



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