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संभल में तारक प्रयाग गोवर्धन तीर्थ के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का भूमि पूजन किया गया। पर्यटन विभाग इस परियोजना के लिए ₹1.02 करोड़ खर्च करेगा, जिससे यात्री विश्राम कक्ष और सत्संग हॉल सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह पहल योगी सरकार के तीर्थ स्थलों के विकास पर केंद्रित प्रयासों का हिस्सा है। बुधवार दोपहर 12 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण, वास्तुमंडल देवता पूजन और श्रीकल्कि महामंत्र के साथ तीर्थ के जीर्णोद्धार का भूमि पूजन संपन्न हुआ। यह तीर्थ संभल तहसील के थाना हयातनगर क्षेत्र के दतावली गांव में स्थित है। आचार्य पंडित शोभित शास्त्री और पंडित विशाल शर्मा ने विधि-विधान से भूमि पूजन कराया। महक बाबा हसानंद उर्फ हंस गिरी, पर्यटन विभाग के इंजीनियर अश्विनी, भाजयुमो जिला मंत्री हिमांशु कश्यप और मुकेश गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने नींव रखी। ₹1.02 करोड़ की लागत से यात्री विश्राम कक्ष, मल्टीपर्पस हॉल, श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और एक नया गेट बनाया जाएगा। राजेश सिंघल ने बताया कि पंच प्रयाग गोवर्धन तीर्थ 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग की परिधि में आने वाले 68 प्रमुख तीर्थों और 19 कूपों में से एक है। सरकार ने संभल के इन सभी 68 तीर्थों और 19 कूपों वाले 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन, काशी और अयोध्या की तर्ज पर संभल के तीर्थ स्थलों को भी संवारा जा रहा है। 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग पहले अतिक्रमण के कारण विलुप्त हो गया था, जिसे प्रशासन के सहयोग से कच्चा मार्ग बनवाया गया था। अब सरकार इसे एक सुंदर और सुगम मार्ग में बदलने की दिशा में काम कर रही है। आचार्य पं. शोभित शास्त्री ने ‘प्रयाग’ शब्द का अर्थ समझाते हुए कहा कि जहाँ पाँच नदियों या पाँच कूपों का संगम होता है, उसे प्रयाग कहते हैं। जिस प्रकार तीन नदियों के संगम को प्रयाग (इलाहाबाद) कहा जाता है, उसी प्रकार यहाँ पाँच कूपों का संगम होने के कारण इसे पंचप्रयाग या गोवर्धन तीर्थ कहा जाता है।
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1.02 करोड़ से बनेगा यात्री विश्राम कक्ष और हॉल:सौंदर्यीकरण को लेकर भूमि पूजन, पर्यटन विभाग कराएगा निर्माण
