Headlines

मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ फेम सुनील लोधी आएंगे भोपाल:2 अक्टूबर को रवीन्द्र भवन में भजन संध्या, सुनील लोधी एवं दल की होगी प्रस्तुति




राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को रवीन्द्र भवन में ‘एकै राम रहीम’ भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से शुरू होगा। इसमें युवा भजन गायक सुनील लोधी एवं दल भजनों की प्रस्तुति देंगे। सुनील लोधी ‘हनुमान अंश’ फिल्म के गीत ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैय्या डार दई’ से खासे लोकप्रिय हुए हैं। कम समय में ही उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। बचपन से गायन में रुचि रखने वाले सुनील गांवों में होने वाले धार्मिक आयोजनों में भजन प्रस्तुत करते रहे हैं। ट्रेन में भजन गाकर भी उन्होंने लोगों की सराहना हासिल की। दृष्टिबाधित होने के बावजूद सुनील ने अपनी विशिष्ट आवाज और लोक गायन शैली के दम पर सोशल मीडिया पर पहचान बनाई। ‘हनुमान अंश’ फिल्म का भजन उनकी लोकप्रियता को प्रदेश के बाहर तक ले गया। अब गांधी-शास्त्री जयंती पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में उनकी भजन प्रस्तुति होगी।
मध्यप्रदेश के सागर जिले के अगरा गांव निवासी सुनील लोधी जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने करीब नौ साल की उम्र में गांव के बुजुर्गों के साथ बैठकर तंबूरा बजाना सीखा। इसके बाद बुंदेली लोकगीत और भजन गाने का सिलसिला शुरू हो गया। सुनील ने बताया कि बचपन से ही उन्हें भगवान हनुमान में गहरी आस्था रही है और वह लगातार भजन गाते रहे हैं। सुनील के संगीत सफर में बड़ा बदलाव ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ भजन से आया। उनके मामा रोहित साहू ने वर्ष 2019 से सुनील के गाए लोकगीतों और भजनों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालना शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी आवाज लोगों तक पहुंचने लगी। ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ भजन को सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने देखा और सुनील की पहचान बढ़ती चली गई। फिल्म हनुमान अंश के गीत ने सुनील को नई पहचान दी है। उन्होंने बताया कि इस गीत के बाद उन्हें दूसरी फिल्मों में गाने के प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। आने वाले समय में उनकी आवाज कई और फिल्मों के गीतों में सुनाई दे सकती है। सुनील का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गांव में गाए जाने वाले उनके भजन एक दिन इतने बड़े स्तर तक पहुंचेंगे। वह इसे भगवान हनुमान का आशीर्वाद मानते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *