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सीवान में कांग्रेस का समाहरणालय घेराव:जेपी चौक पर मोदी-शाह और CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए; SIR की स्वतंत्र समीक्षा की मांग




सीवान में वोटर लिस्ट में बदलाव और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन को देखते हुए समाहरणालय परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी के साथ उनके कार्यकाल में मतदाता सूची से जुड़े बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। आंबेडकर चौक से शुरू हुआ मार्च, जेपी चौक पर पुतला दहन प्रदर्शन की शुरुआत अम्बेडकर चौक से हुई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद जुलूस दाहा नदी पुल और पोस्ट ऑफिस होते हुए जेपी चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले दहन किए। समाहरणालय के पूर्वी गेट पर नारेबाजी इसके बाद प्रदर्शनकारी कचहरी रोड और डीडीसी कार्यालय होते हुए समाहरणालय के पूर्वी गेट पर पहुंचे। यहां काफी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन चलता रहा। मौके पर डीसीएलआर नंदिनी कुमारी, जूली कुमारी, डीएसपी आनंद मोहन गुप्ता, मुफस्सिल इंस्पेक्टर समेत कई थानों के थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन अधिकारियों की पहल पर कांग्रेस के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार, पूर्व मंत्री विजय शंकर दुबे, किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह, पूर्व जिला पार्षद प्रदुमन राय, विश्वनाथ यादव, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, जिला उपाध्यक्ष शशि कुमार और कुतुबदीन खान शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाधिकारी ने ज्ञापन राष्ट्रपति तक भेजने का भरोसा दिलाया। SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की मांग ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई, उनके कार्यकाल में मतदाता सूची और अन्य चुनावी बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा तथा निर्वाचन आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मामले का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 27.16 लाख हटाए गए मतदाताओं में 22 लाख से अधिक ने दोबारा शामिल किए जाने के लिए अपील की है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और पार्टी की ओर से उठाई गई चिंताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग भी उठाई।



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