सरदार भगत सिंह के नारे लगाते हुए रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा।
शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर करनाल में एनएसयूआई की ओर से कल देर रात मशाल मार्च निकाला गया। कार्यक्रम में रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान हुड्डा ने भगत सिंह के परिवार से अपने पार
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अजीत सिंह के साथ परदादा ने संभाली थी आंदोलन की कमान दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह के परिवार से उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह के नेतृत्व में 1907 और 1908 में पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन हुआ था। इसी आंदोलन के दौरान पहली बार वंदे मातरम का नारा भी गूंजा था।

जलभराव के बीच शहिदे ए आजम भगत की प्रतीमा पर पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा।
हुड्डा ने कहा कि सरदार अजीत सिंह के साथ उनके सगे परदादा चौधरी माथुराम ने भी आंदोलन की कमान संभाली थी। दोनों को काले पानी की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए जाने के बाद पूरे पंजाब में विद्रोह हुआ और इससे आजादी की लड़ाई को भी मजबूती मिली।
भगत सिंह की कुर्बानी याद रखकर संघर्ष का संकल्प हुड्डा ने कहा कि शहीद भगत सिंह की कुर्बानी देश के लिए मिसाल है। उनकी कुर्बानी को याद करते हुए उन्होंने सरकार के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अपने नेताओं के नाम से बड़ी-बड़ी योजनाएं लेकर आती है। उन्होंने दीन दयाल कॉलोनी योजना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अवैध कॉलोनियां ही भाजपा के विधायक और मंत्री काट रहे हैं।

कंधो पर उठाकर जलभराव के बीच शहीद ए आजम भगत सिंह की प्रतीमा की तरफ लेकर जाते एनएसयूआई के सदस्य।
जलभराव को लेकर सरकार पर निशाना हुड्डा ने करनाल के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि बरसात के दिनों में शहर की स्थिति खराब हो जाती है। वहीं यूथ कांग्रेस नेता दिलावर सिंह और नवनीत रंधावा ने कहा कि मशाल मार्च करनाल में निकाला जाना था, लेकिन सड़कें पानी में डूबी होने के कारण लोगों के आने-जाने का रास्ता तक नहीं बचा था। इसके चलते मार्च को तीन जगहों पर शिफ्ट करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को गुमराह कर रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में इकट्ठा होने की जरूरत
वहीं NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि आज देश में जिस तरह का माहौल है और इस देश को बचाने की जरूरत है हम सबको मिलकर राहुल गांधी के नेतृत्व में इकट्ठा होने की जरूरत है । आज चुनाव आयुक्त के खिलाफ लोकतंत्र को बचाने के लिए आवाज उठाई गई है मजबूत आंदोलन शुरू हुआ है । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार जवाब नहीं दे रही कई जगह ऐसी घटना हो चुकी है जहां पर बिल्डिंग गिर रही है लेकिन कोई जवाब नहीं है । देश में जितने भी मुद्दे हो उनको कोई फर्क नहीं पड़ता बीजेपी वालों को क्योंकि उन्हें पता है चुनाव आयोग हमारे पास है और हमें कैसे जीतना है यह पता है ।
