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रिटायर्ड DGP की हरियाणा में फिर एंट्री:एंटी-ड्रग संस्था ‘संकल्प’ का CEO बनाया; थार-बुलेट विवाद से सुर्खियों में रहे, एक्टर सुशांत राजपूत के बहनोई




हरियाणा में रिटायर्ड DGP ओपी सिंह की फिर एंट्री हुई है। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर उन्हें नई एंटी-ड्रग संस्था ‘संकल्प’ का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस सोसाइटी के मुखिया हैं। यह सोसाइटी राज्य के पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय और ग्रामीण संस्थानों को एक साझा एंटी-ड्रग योजना के तहत जोड़ेगी। बिहार के रहने वाले ओपी सिंह मनोहर लाल खट्टर सरकार में विशेष सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वह दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई हैं। 31 दिसंबर 2025 को वह रिटायर हुए थे। DGP के तौर पर अतिरिक्त कार्यभार संभालने के दौरान उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। थार-बुलेट को लेकर दिए उनके बयान पर विवाद भी खड़ा हो गया था। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला उनके विरोध में खुलकर सामने आ गए थे। तब ओपी सिंह ने कहा था, “सारे बदमाश थार और बुलेट पर चलते हैं। जिसके पास भी थार होगी, दिमाग घुमा हुआ होगा उसका।” पहली बार नशा करने वालों की संख्या घटाना लक्ष्य सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, संकल्प का उद्देश्य युवाओं में पहली बार नशे के मामले कम करना और गांवों को नशामुक्त बनाना है। संस्था नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ रोकथाम, इलाज और लोगों की भागीदारी पर भी काम करेगी। संस्था में गृह, स्वास्थ्य, स्कूल एवं उच्च शिक्षा और खेल एवं युवा मामले समेत 11 विभाग शामिल होंगे। इन विभागों के प्रशासनिक सचिव सोसाइटी के सदस्य होंगे। हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) के अतिरिक्त DGP को इसका सदस्य सचिव बनाया गया है। 25 साल से कम उम्र के युवाओं पर फोकस संकल्प के पहले साल में 25 साल से कम उम्र के लोगों में प्रति लाख आबादी पर पहली बार दर्ज होने वाले NDPS मामलों को कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चिन्हित जिलों में वर्ष 2025-26 के तय आंकड़े को आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा नशामुक्ति और गांवों व शहरी वार्डों को ‘संकल्प-सर्टिफाइड नशा मुक्त’ के तौर पर प्रमाणित करना भी लक्ष्य है। इन लक्ष्यों की प्रगति हर बैठक में सबसे पहले देखी जाएगी। इसकी जानकारी मंत्रिपरिषद को दी जाने वाली संस्था की सालाना रिपोर्ट में भी शामिल की जाएगी। गांव से स्कूल-कॉलेज तक चलेगा अभियान नोटिफिकेशन के मुताबिक, गांव, वार्ड, स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल स्तर पर लोगों की भागीदारी से अभियान चलाया जाएगा। इसमें युवा क्लब, स्थानीय प्रभावशाली लोग, धार्मिक नेता और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन शामिल होंगे। स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में नशे के प्रति जागरूकता, नशे को मना करने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा शामिल की जाएगी। पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को नशामुक्त प्रमाणन के लिए टूलकिट और तकनीकी सहायता दी जाएगी। बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। DC की अध्यक्षता वाली समितियां देंगी मासिक रिपोर्ट जिला स्तर की कमेटियां हर महीने अपनी रिपोर्ट राज्य के डैशबोर्ड पर भेजेंगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) समिति अपनी हर बैठक में संकल्प की प्रगति की समीक्षा करेगी। संकल्प के लिए अलग फंड बनाया जाएगा। इसमें राज्य के बजट के साथ CSR से मिलने वाला पैसा और केंद्र सरकार के अनुदान का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।



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