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लुहरी पुल की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम आनी और कार्यकारी दंडाधिकारी लक्ष्मण कनेट ने 18 टन से ज्यादा सकल भार वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। पुल से एक समय में सिर्फ एक ही वाहन को गुजरने की इजाजत होगी। यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल रामपुर बुशहर और एनएच उपमंडल आनी ने पुल पर यातायात कंट्रोल और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने का आग्रह किया था। 17 सितंबर को पुल के निरीक्षण में सामने आया था कि निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। पुल की अधिकतम भार सीमा 18 टन तय है। इस आदेश से लुहरी पुल से बड़ी और लोडेड गाड़ियों की आवाजाही पर असर पड़ा है, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने सरकार और प्रशासन से इस समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। दशकों पुराना है महत्वपूर्ण पुल लुहरी पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग का हिस्सा है। यदि पुल के क्षतिग्रस्त होने पर आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो क्षेत्र के लोगों और वाहन चालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 25 वर्ष पहले पारछु झील के फटने के बाद सतलुज नदी में आई बाढ़ का भी इस पुल ने सामना किया था। ऐसे में पुल की सुरक्षा और मजबूती को लेकर स्थायी समाधान की मांग उठ रही है। विधायक लोकेंद्र कुमार ने नया पुल बनाने की मांग की विधायक लोकेंद्र कुमार ने सरकार से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर पुल की समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर उन्होंने विधानसभा सत्र में भी मांग रखी थी और लोक निर्माण मंत्री से भी मिले थे।
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कुल्लू-पुल पर 18 टन से ज्यादा भार वाले वाहन प्रतिबंधित:एक समय में एक ही व्हीकल गुजरेगा; विधायक बोले-सरकार स्थायी समाधान करे
