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पंजाब कांग्रेस में 48 घंटे में बड़े बदलाव के आसार:प्रधान राजा वड़िंग को बदला जा सकता है, पायलट की रिपोर्ट पर फैसला लेगा हाईकमान




पंजाब कांग्रेस में अगले 48 घंटे के बीच बड़ा बदलाव हो सकता है। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से लेकर पंजाब तक हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक पंजाब में पार्टी प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद ये बदलाव होगा। प्रदेश में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव हैं। कांग्रेस के भीतरी सोर्सेज के मुताबिक यह बदलाव पार्टी प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को लेकर हो सकता है, लेकिन अभी तक इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। पायलट ने हाल ही में यूथ कांग्रेस और जिला प्रधानों से दिल्ली में मीटिंग कर इसका फीडबैक लिया था। वड़िंग को हटाने के बाद कौन होगा नया प्रधान
कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक इस रेस में कई बड़े चेहरे हैं। अगर वड़िंग को हटाया जाता है और जट्‌टसिख कम्युनिटी पर ही कांग्रेस फोकस करती है तो फिर कांग्रेस विधायक दल नेता प्रताप बाजवा प्रधान हो सकते हैं। अगर कांग्रेस हिंदू चेहरे की तरफ गई तो पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला को कुर्सी सौंपी जा सकती है। इनके अलावा पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी, परगट सिंह, सुखजिंदर रंधावा, राणा गुरजीत भी इस दौड़ में बने हुए हैं। राजा वड़िंग को हटाने की नौबत क्यों?
लुधियाना से सांसद व कांग्रेस के प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की अगुआई को लेकर पंजाब में कांग्रेस के बड़े नेता विरोध कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विरोध पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी की अगुआई में किया गया। चन्नी व उनके गुट के नेता वड़िंग की अगुआई में काम नहीं कर रहे हैं। हाल ही में चंडीगढ़ में सचिन पायलट की अगुआई वाले धरने में चन्नी आए। इसके बाद लगा कि सब एक मंच पर आ गए, लेकिन इसके कुछ दिन बाद वड़िंग की अगुआई में चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन में चन्नी ने हिस्सा नहीं लिया। सांसद सुखजिंदर रंधावा इशारों में राजा वड़िंग को कंप्रोमाइज्ड लीडर बता चुके हैं। विरोध के बाद भी क्यों टिके हुए वड़िंग
राजा वड़िंग का इतना विरोध होने के बावजूद अभी तक उन्हें हाईकमान का सपोर्ट मिला हुआ है। इसकी बड़ी वजह ये है कि 2022 में जब कांग्रेस 117 में से सिर्फ 18 सीटों पर सिमट गई तो उस वक्त वड़िंग ने कांग्रेस को संभाला। इसके बाद वड़िंग की अगुआई में 2024 में कांग्रेस ने लोकसभा की 13 में से 7 सीटें जीत लीं। इसके अलावा वड़िंग ने जिलों में संगठन भी बनाया, जिसमें ज्यादातर उनके समर्थक हैं। यही वजह है कि चुनाव के नजदीक हाईकमान बदलाव नहीं चाह रहा था। प्रभारी बघेल की छुट्‌टी हो चुकी
इससे पहले कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को हाईकमान हटा चुका है। चन्नी गुट ने उन पर आरोप लगाया था कि वह एकतरफा चल रहे हैं और राजा वड़िंग को सपोर्ट कर रहे हैं। हाईकमान ने उन्हें गुटबाजी खत्म करने भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे और हवा दे दी। इसके बाद हाईकमान ने बघेल को हटाकर सचिन पायलट को नया प्रभारी बना दिया।



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