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मोगा। कोट ईसे खां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा की 50 हजार रुपए की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद अब उनकी कार्यप्रणाली को लेकर पुराने मामले भी चर्चा में आ गए हैं। अदालत में पेशी के बाद कोर्ट ने उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। पेशी के दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और सीधे सरकारी गाड़ी में जाकर बैठ गईं। इससे पहले की पेशी के दौरान उनके कथित तौर पर ‘‘ऑल इज वेल’’ कहने की चर्चा रही थी।
विजिलेंस के अनुसार नूरपुर हकीमा निवासी राजविंदर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सुनीता बावा और पंजाब होमगार्ड जवान गुरअवतार सिंह को गिरफ्तार किया गया। शिकायत में आरोप था कि नशीले पदार्थों के एक मामले में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी जा रही थी। विजिलेंस ने 50 हजार रुपए की कथित रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई के बाद ही होगी। पुराने केस की जांच पर भी उठे सवाल
इसी बीच सामने आए एक पुलिस दस्तावेज में एक युवती से जुड़े मामले की जांच को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल दर्ज किए गए हैं। दस्तावेज के मुताबिक युवती की मां के बयान पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर सुखदीप सिंह भंम और महिंदरपाल लूंबा को भी आरोपी बनाया गया।
वीडियो की गहराई से पड़ताल किए बिना दोनों को मामले में नामजद किया गया था। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि महिंदरपाल लूंबा ने वीडियो सोशल मीडिया पर समाज को नशे के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पोस्ट किया था। दस्तावेज के मुताबिक यदि दोनों की मंशा गलत होती, तो वे युवती को इलाज के लिए 28 जनवरी 2025 को नशा छुड़ाने वाले केंद्र तक नहीं ले जाते। जांच में दोनों को निर्दोष पाए जाने की बात कही गई है और उन्हें अदालत से केस से डिस्चार्ज कराने की सिफारिश की गई। विभगीय कार्रवाई की जगह दी तरक्की
28 जनवरी को महिंदरपाल लूंबा, सुखदीप सिंह भंम और अन्य लोग युवती को थाने लेकर पहुंचे थे, लेकिन उस दिन मामले में कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से पत्र भेजे जाने और युवती के बयान दर्ज होने का उल्लेख है। बाद में 18 फरवरी 2025 को केस दर्ज किया गया।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर की जांच को भी दस्तावेज में उचित नहीं बताया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोगा को इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर व सुनीता बावा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन विभाग ने कार्रवाई करने की वजह फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया और कुछ समय बाद ही उसे तरक्की देकर इंस्पेक्टर बनाकर कोट ईसे खां थाना प्रभारी तैनात किया। व्यवहार को लेकर भी लग चुके है आरोप
एंटी ड्रग एसोसिएशन पंजाब से जुड़े मास्टर सतनाम सिंह मनावा ने सुनीता बावा की पूर्व तैनाती के दौरान कथित व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए। उनके अनुसार, बल्टोहा थाने में तैनाती के दौरान एक सम्मानित व्यक्ति के साथ कथित बदसलूकी को लेकर लोगों ने थाने के बाहर धरना दिया था। उनके मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद संबंधित अधिकारी ने माफी मांगी थी।
सामाजिक कार्यकर्ता केएस मान ने भी मौजूदा मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और क्षेत्र में कथित वसूली तथा नशे से जुड़े मामलों की गहन जांच की मांग की। उन्होंने राजनीतिक संरक्षण का आरोप भी लगाया, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। संबंधित राजनीतिक व्यक्ति की ओर से भी इस रिपोर्ट के लिए कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
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स्टार बढ़े तो बढ़ा रौब.. पुराने विवादों से लेकर रिश्वत:सुनीता बावा की कार्रवाई पर उठे चुके है सवाल,एसआईटी ने भी कर चुकी है कार्रवाई की सिफारिश
