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बोकारो में जर्जर आवास खाली कराने का विरोध:बेहतर क्वार्टर दें या पुराने आवासों की मरम्मत कराएं, ईडी आवास घेर जताया विरोध




बोकारो सेक्टर-12 में जर्जर घोषित पुराने आवासों को खाली कराने के बीएसएल के आदेश के विरोध में बुधवार को आवास बचाओ संघर्ष मोर्चा, पूर्व कर्मचारियों और लाइसेंसधारी कर्मियों ने बीएसएल ईडी के आवास का घेराव किया। प्रदर्शन को देखते हुए ईडी आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा के लिए दो लेयर में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी। प्रदर्शनकारियों ने बीएसएल प्रबंधन के आवास खाली कराने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। आवासधारियों का कहना है कि उन्हें नियमों के तहत ये आवास आवंटित किए गए थे, लेकिन अब इन्हें जर्जर बताते हुए खाली कराने का आदेश दिया गया है। इससे वर्षों से इन आवासों में रह रहे पूर्व कर्मचारियों, लाइसेंसधारियों और अन्य आवासधारियों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। वैकल्पिक आवास की स्थिति पर उठाए सवाल आवासधारियों के अनुसार, बीएसएल प्रबंधन की ओर से सेक्टर-11 और सेक्टर-8 में वैकल्पिक आवास देने की बात कही गई है। उनका कहना है कि जिन आवासों को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बताया जा रहा है, उनकी स्थिति भी बेहतर नहीं है। ऐसे में जर्जर आवास खाली करने के बाद उन्हें सुरक्षित और बेहतर आवास नहीं मिल पाएगा। प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेत्री एंजेला सिंह और गृहणी पम्मी कुमारी ने कहा कि आवासधारियों को ऐसे क्वार्टर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, जो रहने के लिए बेहतर और सुरक्षित हों। उनका कहना है कि यदि बीएसएल प्रबंधन बेहतर वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है, तो सेक्टर-12 के पुराने आवासों की आवश्यक मरम्मत करायी जाए। आवासधारियों ने स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान होने तक वे आवास खाली नहीं करेंगे। बातचीत से समाधान की मांग, फैसले पर कायम प्रबंधन प्रदर्शनकारियों ने बीएसएल प्रबंधन से आवास खाली कराने के आदेश पर दोबारा विचार करने और आवासधारियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना है कि वर्षों से इन आवासों में रहने वाले लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई व्यावहारिक रास्ता निकाला जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान ईडी आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, बीएसएल प्रबंधन पुराने आवासों को खाली कराने के अपने फैसले पर कायम है। ऐसे में अब आवासधारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत के जरिये इस विवाद का समाधान निकलने का इंतजार है।



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