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बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान 2 मजदूरों की मौत:जशपुर में परिजनों का शव लेने से इनकार,मुआवजे और ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग पर चक्काजाम




जशपुर के पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद बुधवार को मृतकों के परिजन और ग्रामीण गुस्सा हो गए। उन्होंने अस्पताल के बाहर इकट्ठा होकर शव लेने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने 50-50 लाख रुपए मुआवजे की मांग करते हुए धरना दिया और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता यूडी मिंज और विनयशील गुप्ता भी शामिल थे। परिजनों ने ठेकेदार सौरभ अग्रवाल की गिरफ्तारी और बिजली विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने खासकर बिजली विभाग के जेई पर एफआईआर दर्ज करने को कहा। यह मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पोल शिफ्टिंग का काम ठेकेदार सौरभ अग्रवाल करा रहा था। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले मजदूरों से कहा गया कि बिजली बंद है। इसी दौरान 7 मजदूर 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। इससे 5 मजदूर झुलस गए, जबकि 2 की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने शव लेने से किया इनकार मृतक आलेख भगत के परिजनों और उनके गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक मुआवजे और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे शव नहीं लेंगे। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार की गिरफ्तारी के साथ बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजनों का कहना है कि परिवार ने अपने सदस्य को खोया है और इस घटना की जिम्मेदारी तय करते हुए सरकार को तत्काल आर्थिक सहायता देनी चाहिए। ग्रामीणों ने दोनों मृतकों के परिवारों के लिए 50-50 लाख रुपए मुआवजे की मांग रखी है। अस्पताल के बाहर भारी भीड़, पुलिस बल तैनात प्रदर्शन और चक्का जाम की सूचना के बाद पत्थलगांव पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। स्थिति को देखते हुए अस्पताल के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारी धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के लोगों की मौजूदगी से भी मौके पर भीड़ बढ़ गई। कांग्रेस नेता यूडी मिंज और विनयशील गुप्ता समेत बड़ी संख्या में समर्थक प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं कांग्रेस के प्रदेश सचिव मनोज तिवारी और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने भी मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखी। फिलहाल ग्रामीण मुआवजा, ठेकेदार की गिरफ्तारी और विद्युत विभाग के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।



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