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जयपुर जिला जेल में एक विचाराधीन कैदी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। कैदी ने जेल में स्टोर के पास बने स्थान पर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने मामले की सूचना लालकोठी थाना पुलिस को दी। लालकोठी थाना इचार्ज और एसआई श्याम सुंदर ने बताया- मनीष रैगर (22) निवासी चाकसू वार्ड नंबर-2 के बैरक नंबर-3 में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार- मनीष ने जूते की लैस से फंदा बनाया और रोशनदान की लोहे की सरियों से लटक गया। बैरक में बंद अन्य कैदियों और जेल प्रशासन ने उसे झूलते हुए देखा तो नीचे उतार कर डॉक्टरों को दिखाया। इस पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विचारधीन कैदी मनीष रैगर पांच माह से पोक्सो के मामले में बंद था। मई से जेल में बंद था कैदी कैदी मनीष का शव एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। लालकोठी थाना पुलिस ने मामले में मृग दर्ज कर लिया है। परिजनों के आने पर मृतक का शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। मामले में एफएसएल टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच आने के बाद मामले में स्थिति साफ होगी। पुलिस के अनुसार- मनीष ने खाली तेल की पीपी में मिट्टी भरकर उसका एक हिस्सा गले में फंदे के रूप में लगाया। वहीं दूसरे हिस्से को पीपी से बांधकर रोशनदान की सरियों में फंसा दिया। दोनों जूतों की लैस का इस्तेमाल फंदा बनाने में किया। मनीष मई 2026 से जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था। विचाराधीन कैदी की आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहे, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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जयपुर जिला-जेल में विचाराधीन कैदी ने फंदा लगाकर दी जान:जूते की लैस और खाली तेल की पीपी से बनाया फंदा; मई से जेल में बंद था बंदी
