हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (कॉमन कैडर) ने विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत भर्ती हुए ग्रुप-डी (Group-D) कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। पोर्टल पर गलत मैसेज प्रदर्शित होने के कारण उपजे भ्रम को दूर करते हुए सरकार ने ‘वन-टाइम ऑप्शन पोर्टल
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अब यह ऑनलाइन पोर्टल 5 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक 15 दिनों के लिए फिर से खोला जाएगा। कर्मचारी इस अवधि के दौरान कॉमन कैडर में रहने या अपने विभाग में वापस जाने का विकल्प दोबारा चुन सकते हैं। क्यों पड़ी दोबारा पोर्टल खोलने की जरूरत
इससे पहले 17 जुलाई 2026 को जारी पत्र के जरिए 15 अगस्त 2026 तक ऑप्शन मांगे गए थे। हालांकि, पोर्टल के ऑप्शन मॉड्यूल पर अनजाने में एक गलत संदेश प्रदर्शित हो रहा था, जिसमें लिखा था कि कर्मचारी को अपना मूल विभाग चुनने या अन्य विभाग चुनने, दोनों ही स्थितियों में सीनियोरिटी का नुकसान होगा।
इस गलत संदेश के कारण कई कर्मचारियों ने अपनी सीनियोरिटी खोने के डर से गलत विकल्प चुन लिया था। सरकार ने इस त्रुटि को स्वीकार करते हुए भ्रम और अनावश्यक अदालती मामलों को टालने के लिए यह निर्णय लिया है।

अब जानिए, सीनियोरिटी तय करने के 4 स्पष्ट सिद्धांत
- कॉमन कैडर चुनने वाले: जो कर्मचारी कॉमन कैडर में रहने का विकल्प चुनेंगे, उनकी सीनियोरिटी HSSC द्वारा तैयार की गई संयुक्त मेरिट सूची के आधार पर तय होगी।
- मूल विभाग में बने रहने वाले: जो कर्मचारी अपने मूल रूप से आवंटित (या 2019 के अवसर में बदले गए) विभाग में बने रहेंगे और 2024 के जनरल ट्रांसफर में उनका तबादला नहीं हुआ है, उनकी वरिष्ठता HSSC मेरिट और संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार बनी रहेगी।
- 2024 ट्रांसफर वाले जो नए विभाग में ही रहेंगे: 2024 के जनरल ट्रांसफर में दूसरे विभाग में गए और वहीं रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को उस विभाग में नया कर्मचारी ) माना जाएगा और उन्हें सबसे नीचे रखा जाएगा।
- 2024 ट्रांसफर वाले जो मूल विभाग में लौटेंगे: जो कर्मचारी 2024 ट्रांसफर के बाद अब अपने मूल/पुराने विभाग में लौटने का विकल्प चुनेंगे, वे अपनी पुरानी सीनियोरिटी वापस पा लेंगे।
