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मुजफ्फरपुर में नगर थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर मोतीझील स्थित उमा मार्केट में करीब सात साल से फर्जी आधार और पासपोर्ट बनाने का खेल चल रहा था। बुधवार शाम नगर थाना पुलिस ने कन्हाई कम्यूनिकेशन पर छापेमारी की। यहां से फर्जी आधार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, आठ मूल आधार कार्ड, लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किए गए। जांच के दौरान बांग्लादेश निवासी मो. बेलाल होसन के नाम पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मौके से साहिल कुमार और बाद में सारण के दरियापुर निवासी शिव कुमार पंडित को गिरफ्तार किया है। नगर थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह के बयान पर गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें कन्हाई कुमार मिश्रा, सुजीत कुमार समेत अन्य को आरोपित बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों के फर्जी आधार और पासपोर्ट तैयार किए गए। दुकान में मिला आधार बनाने का पूरा सेटअप पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान कन्हाई कम्यूनिकेशन में साहिल कुमार मौजूद था। उसके पास से दो मोबाइल मिले। दुकान की तलाशी में डेल लैपटॉप, आधार नामांकन सॉफ्टवेयर, यूआईडीएआई मशीन, अंगुली और आंख की पहचान करने वाले स्कैनर, अंगूठे की क्लोन छाप और आठ मूल आधार कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2019 से कन्हाई कुमार के कहने पर दुकान में काम कर रहा था। पुलिस बरामद उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। मोबाइल में मिला बांग्लादेशी नागरिक के पासपोर्ट का रिकॉर्ड साहिल के मोबाइल में मौजूद ई-मेल की जांच के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना से संबंधित एक पीडीएफ मिला। इसमें पासपोर्ट संख्या यू2185640 को गलत जानकारी के कारण रद्द किए जाने की सूचना थी। पुलिस के अनुसार, थाना रिकॉर्ड में इस पासपोर्ट के बांग्लादेशी नागरिक मो. बेलाल होसन के नाम पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर बनाए जाने की जानकारी मिली। साहिल ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2020 में कन्हाई कुमार मिश्रा ने उसके ई-मेल और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर पासपोर्ट से संबंधित काम कराया था। आरडीएस कॉलेज के पास साइबर कैफे में भी छापेमारी कन्हाई कम्यूनिकेशन के बाद पुलिस ने आरडीएस कॉलेज के पास स्थित ओम कम्यूनिकेशन पर भी छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, यह साइबर कैफे भी साहिल से जुड़ा था। यहां से बिना बैटरी का एक डेल लैपटॉप बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने कलमबाग चौक स्थित साहिल के किराए के कमरे की तलाशी ली। हालांकि, वहां से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। बैंक से निकलती थी आधार मशीन, साइबर कैफे में होता था इस्तेमाल साहिल से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सारण के दरियापुर निवासी शिव कुमार पंडित को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, शिव पटना के बोरिंग कैनाल रोड स्थित यूनियन बैंक में आधार ऑपरेटर था। पुलिस का आरोप है कि वह सुजीत कुमार के कहने पर सप्ताह में दो-तीन बार बैंक से यूआईडीएआई मशीन बाहर निकालकर साइबर कैफे संचालकों को देता था। इस मशीन से आधार में नाम-पता सुधारने, मोबाइल नंबर जोड़ने और ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन से जुड़े काम किए जाते थे। नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की तलाश नगर थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में डीआईयू की टीम ने भी गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की है। पुलिस अब फर्जी आधार और पासपोर्ट बनाने वाले पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस माध्यम से कितने लोगों के दस्तावेज तैयार किए गए और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका थी। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
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फर्जी आधार से बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने का खुलासा:नगर थाने से 100 मीटर दूर साइबर कैफे में चल रहा था खेल; आधार मशीन और लैपटॉप बरामद
