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AISA Protest in Patna: Demand for Gyanesh Kumar Resignation at Gandhi Maidan



भारतीय चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज से देश भर में प्रदर्शन किया जाएगा।

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एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी मुंबई में प्रदर्शन करेगी, तो दूसरी तरफ इंडिया ब्लॉक की तरफ से भी 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदर्शन और जुलूस का ऐलान किया गया है।

आज पटना में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की ओर से लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला जाएगा। दोपहर 12 बजे गांधी मैदान के गांधी मूर्ति से मार्च शुरू होगा।

वोट चोरी के ख़िलाफ़ “ज्ञानेश इट्स डन ब्रो !” के नारे के साथ प्रोटेस्ट किया जाएगा। इसमें भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य के शामिल होने की भी उम्मीद है।

इंडिया ब्लॉक 2 से 8 अक्टूबर तक करेगी प्रदर्शन

दूसरी तरफ इंडिया ब्लॉक ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ और DM ऑफिस के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया गया था।

कांग्रेस समेत 19 विपक्षी पार्टियां आज से देशभर में मार्च निकालेगी।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव किया जाएगा।

सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे। यह फैसला बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA ब्लॉक बैठक में लिया गया।

अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में विपक्षी नेता भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात का समय (अपॉइंटमेंट) मांगेंगे। 1 नवंबर को दिल्ली में वोट चोरी को लेकर रैली की जाएगी। वहीं, विपक्ष की भी 5 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।

23 सितंबर को आई रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर को आई रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई।

संधू और जोशी का आरोप है कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए और जारी किए गए। उन्होंने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूरी बैठक हुई। हालांकि, इसमें किस मुद्दे पर चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई।



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