भोपाल27 मिनट पहले
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भोपाल में दिन में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार है।
मानसूनी पीरियड खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बारिश का दौर थमा है, जबकि दिन गर्म और रातें ठंडी हो गई हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। वहीं, बड़वानी-धार में अधिकतम तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 30 सितंबर को ही खत्म हो गया। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हो रही, लेकिन दिन में गर्मी और रात में ठंडक बढ़ गई है।
बीती रात की बात करें तो अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री, शाजापुर में 17.3 डिग्री, धार में 17.5 डिग्री, इंदौर-पचमढ़ी में 17.6 डिग्री और भोपाल-उज्जैन में 18 डिग्री पहुंच गया। पचमढ़ी-अमरकंटक में दिन का तापमान 29 डिग्री से नीचे ही चल रहा है, लेकिन बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में 35 डिग्री के पार है।
ऐसा मौसम कब तक? मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 30 सितंबर को मानसूनी पीरियड खत्म हो जाता है। इसके बाद अगले 15 दिन चेंज अवर वाले रहते हैं। यानी, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रातें ठंडी होने लगती है, लेकिन दिन गर्म ही रहते हैं। इस बार भी ऐसा ही मौसम है।
उज्जैन, ग्वालियर-चंबल के जिलों से मानसून की पहले वापसी IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। एमपी में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर है। ऐसे में संभावना है कि यही से मानसून वापसी करेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदाई होगी। अगले 2-3 दिन में इसकी शुरुआत हो सकती है और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून लौट सकता है।
कम बारिश, लेकिन गर्मी का अहसास बढ़ा मौसम विशेषज्ञ नायक ने बताया कि अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्से में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान भी है। 3, 4 और 5 अक्टूबर को कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है, लेकिन 6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश का अनुमान है।
इस बार प्रदेश में 35.8 इंच बारिश ही रिकॉर्ड दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।
इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।
मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम




इस बार जून सूखा रहा, इस वजह से आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जुलाई, अगस्त और सितंबर का कोटा तो फुल रहा, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह है कि इस साल प्रदेश में 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।
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भोपाल: 2012 में रिकॉर्ड 38 डिग्री रहा था तापमान भोपाल में अक्टूबर का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 32.7 और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा है। पिछले 10 साल में तापमान 32 डिग्री के पार ही रहा। साल 2017 में 36.4 डिग्री तक पहुंच चुका है। 2012 में पारा रिकॉर्ड 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
वहीं, न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री 12 अक्टूबर 2012 को रहा था। इस महीने बारिश का भी ट्रेंड है। साल 1955 में पूरे महीने साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। 6 अक्टूबर 2009 को 24 घंटे में रिकॉर्ड 5 इंच पानी गिरा था। पिछले साल पूरे महीने 3.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

इंदौर: 25 साल पहले रिकॉर्ड 6.2 डिग्री रहा था न्यूनतम तापमान इंदौर में भी तीनों मौसम देखने को मिलते हैं। पिछले 10 साल 2016 से 2025 की बात करें, तो दिन में तीन बार 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रह चुका है। रात का टेम्प्रेचर 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रात में ठंड का असर बढ़ जाता है। इस महीने इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड है। साल 2013 में सबसे ज्यादा 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी। पिछले साल 1 इंच पानी गिरा।
इंदौर में 22 अक्टूबर 2000 को दिन का तापमान 37.8 डिग्री तक पहुंच गया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है। 25 साल पहले 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह अब तक की सबसे ठंडी रात रही थी। वर्ष 1985 में अक्टूबर महीने में 9 इंच से ज्यादा बारिश हो गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 9 अक्टूबर 1985 को 6.19 इंच हुई थी। पिछले साल पूरे महीने 5.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

ग्वालियर: 38 डिग्री पार पहुंच जाता है दिन का तापमान ग्वालियर में अक्टूबर महीने में भी दिन में तेज गर्मी पड़ती है। वर्ष 2015 में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पिछले 10 साल में अमूमन तापमान 35 डिग्री से ज्यादा ही रहा। 27 अक्टूबर 1994 को दिन का तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। यहां का औसत अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और औसत न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस है।
यहां जिस तरह से गर्मी पड़ती है, उसी तरह से ठंड का असर भी रहता है। 2018 में तापमान 11.9 डिग्री दर्ज किया गया था। 31 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री रहा था। 10 में से 8 साल बारिश का दौर भी रहा। 2022 में 5 इंच, 2024 में 4.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1956 में 8.68 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 13 अक्टूबर 1955 को हुई थी। इस दिन 6 इंच पानी बरस गया था।

जबलपुर: 74 साल पहले सबसे सर्द रही थी रात जबलपुर में अक्टूबर महीने में औसत अधिकतम तापमान 31.8 और औसत न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। हालांकि, पिछले 10 साल में दिन-रात का पारा इससे अधिक ही रहा। 5 अक्टूबर 1966 को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री रहा था।
वर्ष 1916 में सबसे ज्यादा 10.46 इंच मासिक बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश 4 अक्टूबर 1977 को हुई थी। पिछले साल भी पूरे महीने 7 इंच बारिश हुई थी।

उज्जैन: 10 में से 2 साल बारिश नहीं हुई उज्जैन में पिछले 10 में से 2 साल अक्टूबर महीने में बारिश नहीं हुई। वर्ष 2009 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4.46 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 अक्टूबर 2009 को हुई थी। इस दिन 92 मिमी यानी 3.62 इंच बारिश हो गई थी।
दूसरी ओर, 5 अक्टूबर 2002 को दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक है। 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री रहा था।


