लुधियाना में 3 वर्षीय बच्चे की प्राइवेट स्कूल बस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बस के अगले और पिछले टायर बच्चे के ऊपर से गुजर गए। बच्चा अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर आया था।
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हादसे के बाद चालक बस लेकर फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर नवदीप सिंह और BITS कॉन्वेंट स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही अब स्कूल की हर बस की फिटनेस जांच होगी।

बस ड्राइवर नवदीप सिंह।
परिवार ने किया बेटे का अंतिम संस्कार
आरोपी ड्राइवर नवदीप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद पुलिस ने मृतक बच्चे समरदीप के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया।
समरदीप अपने माता-पिता के साथ रहता था
यह दर्दनाक हादसा कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू भैणी में हुआ था। पुलिस अब स्कूल की अन्य बसों की भी जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। समरदीप अपने माता-पिता के साथ रहता था और उसकी एक बहन है।

समरदीप का शव मोर्चरी में रखवाते पुलिसकर्मी।
इस तरह हुआ बच्चे का एक्सीडेंट
- बेटी को स्कूल बस में बैठाने आई थी महिला: बुधवार सुबह करीब 7 बजे अमनदीप अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर आई थीं। उनके साथ उनका बेटा समरदीप भी था। इसी दौरान स्कूल बस पहुंची। अमनदीप अपनी बेटी को बस में चढ़ाने लगीं, जबकि समरदीप बस के आगे की ओर चला गया। बेटी के बस में बैठते ही ड्राइवर ने बस आगे बढ़ा दी। चालक को बस के सामने खड़ा मासूम दिखाई नहीं दिया और बस उसके ऊपर से गुजर गई।
- दोनों टायर बच्चे के ऊपर से गुजरे: मां अमनदीप के अनुसार, पहले बस का अगला टायर और फिर पिछला टायर भी मासूम के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि परिवार के सामने ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद ड्राइवर ने बस रोकने के बजाय मौके से भागने की कोशिश की। लोगों ने उसे रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन वह नहीं रुका।
- ग्रामीणों ने पीछा कर ड्राइवर को पकड़ा: हादसे के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने अपने वाहनों से बस का पीछा किया। कुछ दूरी पर नजदीकी गांव के पास उन्होंने ड्राइवर को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पकड़े जाने पर ड्राइवर ने हादसे में अपनी गलती से इनकार किया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को भीड़ से सुरक्षित निकालकर हिरासत में ले लिया।
