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हिसार में करीब 9 वर्ष पुराने अपहरण और बैंक मैनेजर को झूठे अफीम तस्करी के मामले में फंसाने के चर्चित केस में शनिवार को इंस्पेक्टर समेत चार प्रमुख आरोपियों ने अदालत के समक्ष सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में पुलिस इंस्पेक्टर कप्तान सिंह, सब-इंस्पेक्टर (SI) भूप सिंह, आशीष और वीर सेन के खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। न्यायिक दंडाधिकारी आयुष की अदालत ने चारों आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता पवन रापड़िया ने जमानत दिए जाने की पुष्टि की है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को तय की गई है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता संजीव कुमार सिंधु के अनुसार, यह पूरा मामला सुनाम निवासी व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधक रमनजीत सिंह द्वारा वर्ष 2018 में दायर की गई याचिका से जुड़ा है। इससे पहले बीते 25 सितंबर को भी इसी मामले में 6 पुलिसकर्मियों समेत 7 आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर जमानत ली थी। जानिए क्या है पूरा मामला? (कार हादसे की रंजिश से रची गई साजिश) 2022 में बरी होने के बाद दर्ज कराया केस बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह को अफीम केस में 8 जनवरी 2018 को जमानत मिली थी और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वर्ष 2022 में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद उन्होंने खुद को फंसाने वाले पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा (शिकायत) दायर किया था।
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हिसार अपहरण- झूठे तस्करी में इंस्पेक्टर समेत 4 का सरेंडर:9 साल पुराना केस, सभी को बेल, 6 पुलिसकर्मियों समेत 7 पहले से जमानत पर
