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कुरुक्षेत्र में दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे-44 (GT रोड) पर रामगढ़ के पास रविवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया। अम्बाला की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्लीपर बस सड़क निर्माण क्षेत्र की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस गई। बस ने पहले सड़क पर खड़े मोटर ग्रेडर को टक्कर मारी। इसके बाद कोल्ड मिलिंग मशीन से टकराते हुए वहां काम कर रहे मजदूर को चपेट में ले लिया। सिर में गहरी चोट लगने 30 साल के मजदूर रुप चंद की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस का ड्राइवर मनोज कुमार बस के अंदर फंस गया। पुलिस ने कैबिन तोड़कर उसे बाहर निकाला। हादसे में मनोज समेत 2 लोग घायल हो गए। हाईवे पर एक लेन में चल रही थी ट्रैफिक हादसा तड़के करीब 3:30 बजे हुआ। उस समय NH-44 पर कुरुक्षेत्र से अम्बाला की तरफ सड़क निर्माण का काम चल रहा था। निर्माण क्षेत्र से पहले यातायात को रोकने के लिए सेफ्टी बोर्ड और बैरिकेडिंग की गई थी। यहां 30-40 मजदूर सड़क पर काम कर रहे थे। ट्रैफिक को एक लेन से निकाला जा रहा था। बैरिकेडिंग तोड़कर मशीनों से टकराई बस भरत ने पुलिस को बताया कि वह अपने छोटे भाई रुप चंद के साथ करीब 20-25 दिन से NH-44 पर ठेकेदार जवाहर लाल के अधीन काम कर रहा था। सड़क निर्माण का काम एजेंसी को मिला हुआ था। हादसे के समय रुप चंद कोल्ड मिलिंग मशीन के पास काम कर रहा था। अचानक तेज रफ्तार बस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए निर्माण क्षेत्र में घुस गई। बस ने मोटर ग्रेडर UP-85DT-6020 में टक्कर मारी। इसके बाद आगे खड़ी कोल्ड मिलिंग मशीन और वहां काम कर रहे रुप चंद को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रुप चंद उछलकर सड़क पर सिर के बल जा गिरा। उसके सिर में गहरी चोट लगी और काफी खून बह गया। साथी मजदूरों ने उसे संभाला, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बस में करीब 40 सवारियां, बड़ा हादसा टला बस में करीब 40 सवारियां थीं। हादसे के बाद सभी यात्री सहम गए। गनीमत रही कि बस की चपेट में आने से यात्रियों को ज्यादा चोट नहीं लगी। बस ड्राइवर मनोज कुमार कैबिन में फंस गया था। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला और एम्बुलेंस से LNJP अस्पताल पहुंचाया। हिमाचल का रहने वाला ड्राइवर ड्राइवर मनोज कुमार हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले का रहने वाला है। गनीमत रही बस का पिछला हाइड्रा में फंस गया और आगे खड़ी मशीन के कारण रुक गई। आगे 30-40 मजदूर और सड़क पर काम कर रहे थे। अगर बस ना रुकती तो कई मजदूर उसकी चपेट में आ सकते थे। रुप चंद के पीछे रह गए 4 बच्चे हादसे में जान गंवाने वाला रुप चंद उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रायपुर गांव का रहने वाला था और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। रुप चंद के परिवार में दो बेटे अरविंद (8), गोबिंद (6) साल, बेटी करिश्मा (4) और ढाई की साल एक और मंगला है। रोजी-रोटी के लिए रुप चंद कुरुक्षेत्र आया था। 20 दिन पहले अपने भाई के साथ काम पर लगा था। पुलिस ने केस दर्ज कर बस को कब्जे में लिया- प्रदीप थाना सदर थानेसर के जांच अधिकारी ASI प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर बस को कब्जे लिया है। ये बस अमृतसर से दिल्ली जा रही थी। पुलिस ने रुप चंद के शव का पोस्टमॉर्टम करवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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GT-रोड पर बैरिकेडिंग तोड़ मजदूरों में घुसी बस:एक की मौत और 2 घायल, ड्राइवर कैबिन में फंसा, कुरुक्षेत्र पुलिस ने निकाला
