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मुजफ्फरपुर में नगर थाने से महज 100 मीटर दूर सात साल से चल रहे फर्जी आधार-पासपोर्ट बनाने के मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड एजाज कमर को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को कन्हाई कम्युनिकेशन पर छापेमारी हुई थी। नेटवर्क में अब तक चार लोगों की संलिप्तता पुलिस के सामने आई है। इनमें साहिल कुमार, शिव कुमार पंडित, सुजीत कुमार और अब मास्टरमाइंड एजाज कमर शामिल हैं। रविवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने पीसी कर बताया कि एजाज कमर की गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर से ही की गई है। पुलिस उसकी ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाल रही है। इसमें उसके खुद लंदन में रहने की जानकारी सामने आई है। एजाज के परिवार के कुछ सदस्यों के लंदन में रहने की बात भी पुलिस के सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी आधार और पासपोर्ट के इस नेटवर्क का कोई इंटरनेशनल कनेक्शन तो नहीं है।
2020 से आधार बनाने का काम सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नगर थाना क्षेत्र स्थित कन्हाई कम्युनिकेशन में दस्तावेजों में अवैध तरीके से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर टीम गठित कर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई में साहिल कुमार को पकड़ा गया था। पूछताछ और जांच के बाद शिव कुमार पंडित और सुजीत कुमार की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद गिरोह के मास्टरमाइंड एजाज कमर तक पुलिस पहुंची। पुलिस के अनुसार, आरोपी 2020 से आधार से जुड़े काम में सक्रिय थे। इसके लिए एक थर्ड पार्टी कंपनी से उन्हें आधार से संबंधित मानव संसाधन का काम मिला था। हालांकि, उसी समय से फर्जी आधार बनाने का काम शुरू हुआ था या बाद में, इसकी जांच अभी जारी है। बांग्लादेशी नागरिक के नाम पर मिला एक पासपोर्ट पुलिस की जांच में अब तक एक ऐसा पासपोर्ट सामने आया है, जो बांग्लादेशी नागरिक मो. बेलाल होसन के नाम पर जारी होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने संबंधित पासपोर्ट को जब्त किया है। सिटी एसपी के अनुसार, फर्जी आधार तैयार करने के बाद उसके इस्तेमाल से पासपोर्ट के लिए आवेदन किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अब तक कितने फर्जी पासपोर्ट तैयार किए गए और किन-किन लोगों के लिए दस्तावेज बनाए गए, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। पुलिस अन्य राज्यों में भी इस नेटवर्क के कनेक्शन की जांच कर रही है। कन्हाई कम्युनिकेशन से मशीन, सॉफ्टवेयर और आठ मूल आधार मिले थे बुधवार की छापेमारी में पुलिस ने कन्हाई कम्युनिकेशन से डेल लैपटॉप, आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर, यूआईडीएआई मशीन, फिंगरप्रिंट और आई स्कैनर, अंगूठे की क्लोन छाप और आठ मूल आधार कार्ड बरामद किए थे। साहिल के मोबाइल और ई-मेल की जांच में बांग्लादेशी नागरिक के नाम से बने पासपोर्ट से जुड़ा रिकॉर्ड भी मिला था। इसके अलावा आरडीएस कॉलेज के पास ओम कम्युनिकेशन से भी लैपटॉप बरामद किया गया था। पुलिस ने कलमबाग चौक स्थित साहिल के किराए के कमरे की भी तलाशी ली थी।
बैंक की आधार मशीन निकालकर साइबर कैफे तक पहुंचाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी शिव कुमार पंडित पटना के बोरिंग कैनाल रोड स्थित यूनियन बैंक में आधार ऑपरेटर था। पुलिस के अनुसार, वह सुजीत कुमार के कहने पर सप्ताह में दो-तीन बार बैंक से यूआईडीएआई मशीन बाहर निकालकर साइबर कैफे संचालकों को देता था। इसी मशीन से आधार में नाम-पता सुधारने, मोबाइल नंबर जोड़ने और पासपोर्ट आवेदन से जुड़े काम किए जाते थे। सिटी एसपी ने कहा कि अभी तक चार लोगों की भूमिका सामने आई है। पुलिस एजाज कमर समेत सभी आरोपियों के कनेक्शन, अन्य राज्यों में नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने फर्जी आधार और पासपोर्ट तैयार किए हैं।
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फर्जी आधार-पासपोर्ट गिरोह का मास्टरमाइंड एजाज कमर गिरफ्तार:लंदन कनेक्शन की जांच तेज; नगर थाने से 100 मीटर दूर चल रहा था फर्जीवाड़ा
