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अमृतसर में कांग्रेस नेता और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दिनेश बस्सी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना सिविल लाइन ने फ्रॉड के मामले में ये कार्रवाई की। यह केस बस्सी के बेटे वंश बस्सी और उसके दोस्त अमित बजाज के खिलाफ दर्ज है। बस्सी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस के पार्षदों ने थाने के बाहर धरना दिया। इस दौरान पार्षद थाने के अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें खींचकर थाने से बाहर निकाल दिया। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला भी धरने में पहुंचे। हंगामे के बीच थाने का दरवाजा भी बंद कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, दिनेश बस्सी को थाना सिविल लाइन में दर्ज मुकदमे के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह मामला BNS की धारा 318(4) और 61(2) के तहत दर्ज है। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि दिनेश बस्सी गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागने की तैयारी में थे। इससे मामले की जांच प्रभावित हो सकती थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि दिनेश बस्सी गवाहों को डराने-धमकाने की कोशिश कर जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इन्हीं कारणों के चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। इस दौरान वह अपने कार्यालय में मौजूद थे। फिलहाल पुलिस दिनेश बस्सी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। सांसद बोले- साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और पुलिस का राजनीतिकरण किया जा रहा है। अमृतसर को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। शहर में पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले और पुलिस अधिकारियों पर फायरिंग की घटनाओं से दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा कि अमृतसर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रतिष्ठित संस्थानों को निशाना बनाने से शहर की छवि और पर्यटन कारोबार प्रभावित हो सकता है। क्या है पूरा मामला, विस्तार से पढ़िए… शिकायतकर्ता कंवरदीप सिंह के मुताबिक, 26 जून, 2023 को एक जमीन का एग्रीमेंट टू सेल किया गया था। इस संपत्ति के लिए उसने आरोपियों को 50 लाख रुपए दिए थे। इसके बाद इकरारनामे को कभी रद्द नहीं किया गया और आपसी सहमति से इसे कई बार मौखिक रूप से आगे बढ़ाया जाता रहा। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इसके बावजूद अमित बजाज ने उसकी अनुमति के बिना 10 अक्टूबर 2025 को यह दस्तावेज वंश बस्सी के पक्ष में कर दिया। आरोप है कि दोनों ने इकरारनामा अपने नाम कर लिया, लेकिन उसके द्वारा पहले दी गई 50 लाख रुपए की राशि वापस नहीं की। नवंबर 2025 में मिली इकरारनामा बदलने की जानकारी
शिकायतकर्ता के अनुसार, नवंबर 2025 में उसे इस बारे में पता चला कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर मिलीभगत करके उक्त इकरारनामा किसी तीसरी पार्टी के नाम पर कर दिया है। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी। कौन हैं दिनेश बस्सी….
दिनेश बस्सी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1995 में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के एक वर्कर के तौर पर की थी। इसके बाद वे यूथ कांग्रेस में सक्रिय हुए और अमृतसर अर्बन जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे। जुलाई 2019 में दिनेश बस्सी को अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (AIT) का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। वर्तमान में भी वे अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। 2022 में भी हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले जुलाई 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने दिनेश बस्सी को रंजीत एवेन्यू में एक प्लॉट के आवंटन में कथित अनियमितता और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में फरवरी 2023 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।
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अमृतसर में बेटे के केस में कांग्रेस नेता गिरफ्तार:पार्षदों को खींचकर थाने से बाहर निकाला; पुलिस बोली- विदेश भागने की तैयारी में थे
