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कानपुर के रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की अचानक हालत बिगड़ने और अधिक ब्लीडिंग होने से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। गंभीर हालत में दोनों को हैलट अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन सीओडी आरओबी के पास पहुंचते ही दोनों ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर से आक्रोशित परिजन दोनों शव लेकर वापस कांशीराम अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्लागंज के कीपरखेड़ा निवासी नूर मोहम्मद ई-ऑटो चलाते हैं। परिवार में पत्नी शबीना (30) और चार बेटियां हैं। शबीना को मंगलवार को प्रसव के लिए कांशीराम अस्पताल लाया गया था। परिजनों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:14 बजे शबीना ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के करीब दो घंटे बाद शाम 4:40 बजे अचानक महिला को तेज ब्लीडिंग होने लगी। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने के बाद सीओडी आरओबी के पास पहुंचते ही जच्चा और नवजात दोनों की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस कांशीराम अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीयूष मिश्र ने बताया कि महिला की सामान्य डिलीवरी हुई थी। इसके बाद उसे अधिक ब्लीडिंग होने लगी, जिसके चलते हैलट रेफर किया गया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया। वहीं, थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच और कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा ने दम तोड़ा:हैलट रेफर किया था, रास्ते में मौत; परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया
