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कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत सुरेवाही खनन प्रभावित क्षेत्र में शामिल है। यहां स्कूल भवनों की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने अपनी समस्या रखी है। ग्रामीणों के मुताबिक सुरेवाही और घुमर के स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, जबकि छिंदभाट में स्कूल भवन नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई झोपड़ी में हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पिछले 4 साल से परेशानियों के बीच पढ़ाई कर रहे हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। स्कूल परिसर में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को कक्षा में बैठने और पढ़ाई करने में परेशानी होती है। छिंदभाट में झोपड़ी में पढ़ने को मजबूर बच्चे सुरेवाही के स्कूल भवन में 50 से अधिक बच्चे पढ़ाई करते हैं। जर्जर भवन को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी हादसा हो सकता है और भवन गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, छिंदभाट में स्कूल भवन ही नहीं है। यहां बच्चों की पढ़ाई झोपड़ी में कराई जा रही है। बारिश के दौरान झोपड़ी में पढ़ाई करना बच्चों और शिक्षकों के लिए और मुश्किल हो जाता है। पहले भी दी जानकारी, अब नए भवन की मांग ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवनों की समस्या की जानकारी पहले भी कलेक्टर को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को देखते हुए सुरेवाही, घुमर और छिंदभाट तीनों स्कूलों के लिए नए भवन बनाने की मांग की है।
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कांकेर में जर्जर स्कूल-भवनों से खतरे में बच्चों की पढ़ाई:कहीं पंचायत-भवन कहीं झोपड़ी में लग रही क्लास, ग्रामीणों ने नए भवन की मांग की
