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जयपुर के JNU हॉस्पिटल पर नवजात की अदला-बदली का आरोप:पिता बोले- रिपोर्ट में लड़का लिखा था, 3 घंटे बाद लड़की मिली, DNA जांच की मांग




जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) हॉस्पिटल में पत्नी की डिलिवरी के बाद पति ने नवजात की डीएनए जांच की मांग की है। पति कृष्ण मुरारी शर्मा का आरोप है कि अस्पताल की फाइल और मेडिकल रिकॉर्ड में नवजात के जेंडर के सामने ‘Boy’ लिखा था। लेकिन करीब तीन घंटे बाद जब नवजात को परिवार को सौंपा गया तो लड़की दी गई। इसके बाद कृष्ण मुरारी शर्मा ने पूरे मामले को लेकर सवाल उठाते हुए पुलिस में खो नागोरियान थाने में शिकायत दर्ज कराई। नवजात की DNA जांच कराने, मेडिकल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, परिवार हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठा है। महिला हॉस्पिटल में भर्ती है। शिकायत के अनुसार, कृष्ण मुरारी शर्मा ने पत्नी ममता देवी को 6 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे डिलिवरी के लिए JNU अस्पताल में भर्ती कराया था। करीब 11:30 बजे सीजेरियन डिलीवरी हुई। परिवार का आरोप है कि प्रसव के बाद उन्हें नवजात के संबंध में साफ जानकारी नहीं दी गई। बच्चे को मां को ठीक से नहीं दिखाया गया। मेडिकल रिकॉर्ड में कटिंग-ओवरराइटिंग का आरोप अस्पताल की मेडिकल फाइल में नवजात के जेंडर में बॉय लिखा था। जिस पर कटिंग और ओवरराइटिंग की गई थी। कृष्ण मुरारी शर्मा ने इस कटिंग और ओवरराइडिंग पर सवाल उठाते हुए मूल रिकॉर्ड, रिकॉर्ड में बदवाल का समय और रिकॉर्ड में बदलाव करने वाले व्यक्ति की जांच की मांग की है। कृष्ण मुरारी शर्मा के अनुसार, अस्पताल प्रशासन से मूल दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड मांगा तो हमें तत्काल नहीं दिखाया गया। बाद में कुछ दस्तावेज दिखाए गए, जिनमें कथित तौर पर कटिंग-ओवरराइटिंग की गई थी। CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग कृष्ण मुरारी शर्मा ने शिकायत में 6 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे से शाम करीब 6 बजे तक की CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है। इसमें डिलीवरी एरिया, वार्ड, प्रवेश-निकास और बच्चे की आवाजाही से जुड़े स्थानों की फुटेज को जांच में शामिल करने की मांग की गई है। साथ ही इनकी फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है। परिवार का आरोप है कि हमने सीसीटीवी दिखाने की मांग की तो हॉस्पिटल ने कोई मदद नहीं की। DNA जांच से सच्चाई सामने लाने की मांग कृष्ण मुरारी शर्मा ने शिकायत में कहा है कि मुझे सौंपे गए नवजात और पत्नी ममता देवी की DNA जांच की जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर मेरे डीएनए की जांच भी की जा सकती है। पुलिस ने जांच के लिए हेड कांस्टेबल को किया मामूर शिकायत में कृष्ण मुरारी शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वह बिना जांच किसी व्यक्ति पर अंतिम आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर उन्हें नवजात की पहचान या रिकॉर्ड में हेराफेरी की गंभीर आशंका है। खोह नागोरियान एसएचओ सुनील कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। नवजात की वास्तविक पहचान और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की स्थिति DNA जांच, मेडिकल रिकॉर्ड, CCTV और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में जेएनयू हॉस्पिटल प्रशासन से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो प्रशासन से जुड़े लोगों ने अपना पक्ष नहीं रखा।



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